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India Daily

हेग में प्रवासी भारतीयों के बीच बोले मोदी- भारत दुनिया का विकास करेगा, ओलंपिक होस्ट करने का भी सपना

नीदरलैंड के हेग में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को दुनिया का बढ़ता इंजन बनाने, ओलंपिक होस्ट करने और प्रदूषण क्रांति का जिक्र किया. PM मोदी ने UPI और भारतीयों के विश्वास को भारत की ताकत बताई.

Dhiraj Kumar Dhillon
हेग में प्रवासी भारतीयों के बीच बोले मोदी- भारत दुनिया का विकास करेगा, ओलंपिक होस्ट करने का भी सपना
Courtesy: PM Modi X

नीदरलैंड के हेग में प्रवासी भारतीयों की ओर से आयोजित किए गए स्वागत कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गदगद नजर आए. प्रवासी भारतीय का उत्साह देखकर पीएम मोदी ने कहा- मां भारती की संतानें जहां भी रहेंगी, गर्मजोशी तो होगी ही. एड्रेस, पासपोर्ट का कलर और टाइम जाने बदलने से हमारा जिंदगी का जश्न मनाने का जज्बा कम नहीं होता. इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत बड़ा सपना देख रहा है, इसके लिए उन्होंने भारत के ओलंपिक होस्ट करने और दुनिया का ग्रोथ इंजन बनने समेत चार लक्ष्य भी गिनाए.

भारतीयों का विश्वास न रुकने देता है न थकने देता हैः मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीयों का विश्वास न मुझे रुकने देता है और न ही थकने देता है. उन्होंने कहा कि 2014 में आज ही के दिन भारत में ऐसा कुछ हुआ कि भारत को लंबे समय बाद मजबूत और स्थिर सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया, और 140 करोड़ भारतीय के विश्वास के चलते यह सिलसिला अभी भी वैसे ही जारी है.

बोले- भारतीय संस्कृति लोगों के दिलों में धड़कती है

जोरदार तालियों की गड़गड़ाहट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सभ्यताएं आईं और सभ्यताएं गईं, लेकिन भारत की विविध संस्कृति आज भी लोगों को दिलों में ऐसे धड़कती है. पीएम मोदी ने स्वागत कार्यक्रम को मिनी भारत की उपमा दे डाली और बोले आप लोगों को जोश और जुनून ने साफ कर दिया है कि द हेग लिविंग सिंबल ऑफ इंडियन फ्रेंड‌शिप बन गया है.

यूपीआई की भी चर्चा की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए कह‌ा कि भारत बदल रहा है. भारत में हर महीने 20 बिलियन से ज्यादा यूपीआई ट्रांसफर हो रहे हैं. यह आंकड़ा पूरी दुनिया के आंकड़े के मुताबिक आधे से ज्यादा बनता है. उन्होंने कहा कि 12 साल पहले जहां देश में 500 से भी कम स्टार्टअप थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़कर दो लाख से अधिक हो गई.