कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी को बड़ा झटका! जानें क्यों करेगी 250 मिलियन डॉलर का भुगतान

Zantac Cancer Lawsuits: फाइजर पर ज़ैंटैक हार्टबर्न दवा के कैंसर के खतरों को छिपाने का आरोप लगाया गया है. इस मामले में कंपनी के खिलाफ 10,000 से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं. किसी कंपनी पर एक साथ दर्ज मुकदमों का ये सबसे बड़ा मामला है.

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Zantac Cancer Lawsuits: कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी फाइजर को बड़ा झटका लगा है. कंपनी जैंटैक से जुड़े कैंसर के खतरों के 10 हजार से अधिक दर्ज मुकदमों को खत्म करने के लिए $250 मिलियन (20.87 अरब रुपये) का भुगतान करेगी. फाइनेंशियल टाइम्स ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की. अखबार ने बताया कि कंपनी अपनी बंद हो चुकी हार्टबर्न दवा ज़ैंटैक से जुड़े कैंसर के खतरों पर 10,000 से अधिक अमेरिकी मुकदमों को निपटाने के लिए 250 मिलियन डॉलर तक का भुगतान करेगी.

रॉयटर्स ने फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सौदे के बारे में जानकारी देने वाले दो लोगों का हवाला दिया गया है. बताया गया है कि दवा निर्माता कंपनी को समझौते में 200 मिलियन डॉलर से 250 मिलियन डॉलर के बीच भुगतान करना होगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि समझौते का खुलासा पिछले हफ्ते डेलावेयर में एक अदालत में दायर किया गया था और इसका उद्देश्य फाइजर की संभावित देनदारी को कम करना है. हालांकि, फाइजर ने टिप्पणी के लिए रॉयटर्स के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया।

1988 में दुनिया की सबसे अधिक बिकने वाली दवा थी जैंटैक

पहली बार 1983 में स्वीकृत, ज़ैंटैक 1988 में दुनिया की सबसे अधिक बिकने वाली दवा बन गई थी. ये दवा $1 बिलियन की वार्षिक बिक्री के साथ शीर्ष पर पहुंचने वाली पहली दवाओं में से एक थी. हालांकि, दवा के नमूनों में एनडीएमए नाम का कैंसर पैदा करने वाला पदार्थ पाया गया था. इसके बाद अमेरिकी फूड एंड मेडिसिन एडमिनिस्ट्रेशन ने दवा निर्माताओं को 2020 में ज़ैंटैक और इसके जेनेरिक वैरिएंट्स को बाजार से हटाने के लिए कहा था.

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, समझौते में अमेरिका के अलग-अलग राज्यों में दर्ज मामले शामिल हैं. हालांकि, समझौते की वित्तीय शर्तों का तुरंत खुलासा नहीं किया गया है. ज़ैंटैक से संबंधित संभावित देनदारियों के बारे में चिंताओं के कारण 2022 की गर्मियों में फाइजर को संयुक्त बाजार मूल्य में लगभग $45 बिलियन का नुकसान हुआ था. हालांकि, समझौते की खबरों के बाद उनके शेयरों में उछाल आया है.

पिछले महीने, ब्लूमबर्ग ने बताया कि ज़ैंटैक के निर्माताओं में से एक सनोफी, लगभग 4,000 ज़ैंटैक मामलों को हल करने के लिए $ 100 मिलियन से अधिक का भुगतान करने पर सहमत हुआ. दवा के एक अन्य निर्माता, जीएसके ने भी कुछ ज़ैंटैक मामलों को लैब्स तक पहुंचने से पहले ही निपटा दिया है.  

सीने में जलन के इलाज के लिए यूज किया जाता था ज़ैंटैक

ज़ैंटैक को शुरू में जीएसके और वार्नर-लैम्बर्ट की ओर से विकसित किया गया था. 1996 में ओवर-द-काउंटर हार्टबर्न ट्रीटमेंट बनने से पहले 1983 में एक प्रिस्क्रिप्शन दवा के रूप में अमेरिकी बाजार में पेश किया गया था. सनोफी ने 2017 में ब्रांड का अधिग्रहण किया था, जिसे 2019 में वापस ले लिया गया. टेस्टिंग से दवा और उसके जेनरिक में संभावित कार्सिनोजेन एन-नाइट्रोसोडिमिथाइलमाइन (एनडीएमए) की मौजूदगी का पता चला. 

इस दवा का उपयोग सीने में जलन के इलाज के लिए किया जाता था और यह पेट में एसिड की मात्रा को कम करके काम करती थी. अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने 2020 में इन निष्कर्षों की पुष्टि की और दवा के सभी संस्करणों को बाजार से हटाने का आदेश दिया.