बलूचिस्तान में BLA के हाथों बुरी तरह क्यों पिट रही पाकिस्तान की आर्मी? रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने किया हैरान करने वाला खुलासा

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि बलूचिस्तान के विशाल क्षेत्र के कारण सुरक्षा बलों को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. हालिया अभियानों में 177 बलूच विद्रोही मारे गए.

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Anuj

नई दिल्ली: पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत एक बार फिर गंभीर सुरक्षा संकट के केंद्र में है. हाल ही में शुरू किए गए बड़े सैन्य अभियानों में सैकड़ों बलूच विद्रोहियों के मारे जाने का दावा किया गया है.

इस बीच संसद में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान ने एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें उन्होंने प्रांत के विशाल भूगोल को सुरक्षा प्रयासों की सबसे बड़ी कमजोरी बताया. हालिया हिंसा ने आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

विशाल भूगोल, बड़ी चुनौती

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि बलूचिस्तान पाकिस्तान के कुल भूभाग का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है. इतनी विशाल और कम आबादी वाली जमीन की निगरानी करना किसी शहर की सुरक्षा से कहीं अधिक कठिन है. उन्होंने माना कि सुरक्षा बल लगातार कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन इतने बड़े इलाके में गश्त और पहरा देना उन्हें शारीरिक रूप से कमजोर स्थिति में डाल देता है.

समन्वित हमलों से बढ़ा संकट

हाल के दिनों में विद्रोहियों ने एक साथ 12 अलग-अलग स्थानों पर हमले किए. इन हमलों में आम नागरिकों के घरों, पुलिस चौकियों और अन्य सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन घटनाओं में 33 नागरिकों और 17 पुलिस व सुरक्षा कर्मियों की जान गई. इसके बाद व्यापक तलाशी अभियान शुरू किए गए.

177 बलूच विद्रोहियों के मारे जाने का दावा

सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि बीते दो दिनों में हुई मुठभेड़ों और छापों में 177 विद्रोही मारे गए हैं. ये अभियान पूरे प्रांत में चलाए गए, जहां सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने संयुक्त कार्रवाई की. अधिकारियों का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य उग्रवादी नेटवर्क को तोड़ना और भविष्य के हमलों को रोकना है.

बातचीत से इनकार, सख्त रुख

ख्वाजा आसिफ ने स्पष्ट किया कि बलूच लिबरेशन आर्मी जैसे संगठनों से किसी भी तरह की बातचीत नहीं होगी. उन्होंने कहा कि जो लोग महिलाओं और बच्चों की हत्या करते हैं, उन्हें आतंकवादी ही माना जाएगा. सरकार का मानना है कि सख्ती के बिना हालात पर काबू पाना संभव नहीं है.

सेवाएं बाधित, आरोपों पर जवाब

हिंसा के बाद बलूचिस्तान से देश के अन्य हिस्सों को जोड़ने वाली ट्रेन सेवाएं तीसरे दिन भी बंद रहीं. कई जिलों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से निलंबित की गई. आसिफ ने प्रांत की उपेक्षा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यहां विकास कार्य हुए हैं और लापता लोगों की सूची में कई नाम ऐसे हैं जो मारे गए उग्रवादियों के थे.