राहुल गांधी ने भारत-US ट्रेड डील को लेकर केंद्र पर साधा निशाना, प्रियंका गांधी ने सौदे को बताया 'किसान विरोधी'

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा प्रहार करते हुए उन्हें 'compromised' करार दिया है. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने भारी दबाव में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे देश के हितों को नुकसान पहुंच सकता है. सांसद प्रियंका गांधी ने भी इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: संसद के बाहर आज का दिन राजनीतिक हलचल से भरा रहा. विपक्षी नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेहद तीखा हमला करते हुए उन्हें 'compromised' नेता करार दिया. यह आक्रोश तब फूटा जब सदन में चीन और जनरल नरवणे की किताब पर चर्चा के दौरान उन्हें बोलने से रोक दिया गया. राहुल ने दावा किया कि पीएम अंतरराष्ट्रीय दबाव में हैं. वहीं, प्रियंका गांधी ने इस ट्रेड डील को भारतीय कृषि के लिए एक बड़ा खतरा बताया है.

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जो ट्रेड डील महीनों से अटका हुआ था, उसे पीएम ने रातों-रात साइन कर दिया. उन्होंने कहा कि मोदी जी घबराए हुए हैं क्योंकि उन पर अंतरराष्ट्रीय शक्तियों का भारी दबाव है. राहुल के अनुसार, प्रधानमंत्री को अपनी वैश्विक छवि के टूटने का डर सता रहा है. इसी डर के कारण उन्होंने देश के मेहनतकश लोगों के हितों का सौदा कर दिया है, जो भविष्य में घातक साबित हो सकता है.

प्रियंका गांधी का प्रहार 

प्रियंका गांधी ने इस डील को सीधे तौर पर किसान विरोधी बताया. सोशल मीडिया पर उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मोदी सरकार भारतीय कृषि क्षेत्र को अमेरिकी कंपनियों के लिए खोलने जा रही है. उन्होंने ट्रंप के उस बयान का हवाला दिया जिसमें अमेरिकी किसानों के मुनाफे की बात कही गई है. प्रियंका ने मांग की कि सरकार इस समझौते की शर्तें जनता के सामने रखे ताकि किसानों को पता चले कि उनके साथ कोई धोखा तो नहीं हुआ.

लोकतंत्र में बोलने की पाबंदी पर सवाल 

संसद के भीतर जब राहुल गांधी ने चीन का मुद्दा उठाया, तो उन्हें नियमों का हवाला देकर रोक दिया गया. इस पर राहुल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह पहली बार है जब नेता विपक्ष को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने नहीं दिया जा रहा. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी आवाज दबाने के लिए संसदीय नियमों का दुरुपयोग कर रही है. राहुल ने इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काला दिन और सत्ता का अहंकार बताया.

राहुल गांधी ने अडानी समूह पर अमेरिका में चल रहे कानूनी मामले को सीधे प्रधानमंत्री से जोड़ा. उन्होंने दावा किया कि जो केस अडानी पर है, वह असल में मोदी जी पर केस है. राहुल के अनुसार, जिन शक्तियों ने प्रधानमंत्री की छवि गढ़ी थी, अब वे ही उसे नष्ट कर रही हैं. अडानी मामला सरकार के लिए एक बड़ा 'प्रेशर पॉइंट' बन गया है, जिसके कारण प्रधानमंत्री को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झुकना पड़ रहा है और समझौते करने पड़ रहे हैं.