मध्य पूर्व में कई महीनों से जारी तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर होंगे. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान ने भी दावा किया है कि समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है. हालांकि ईरान की ओर से अभी इस समयसीमा को लेकर पूरी सहमति दिखाई नहीं गई है.
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर कहा कि शांति समझौते पर अगले दिन हस्ताक्षर होने की योजना है. उन्होंने यह भी कहा कि समझौते के लागू होते ही होर्मुज स्ट्रेट सभी के लिए खोल दिया जाएगा. यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और लंबे समय से क्षेत्रीय तनाव का केंद्र बना हुआ है.
On Truth Social, US President Donald Trump posts, "... The Deal is scheduled to get signed tomorrow, and immediately after it is signed, the Hormuz Strait is open to all..." pic.twitter.com/1fcg4MsbbL
— ANI (@ANI) June 13, 2026
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते का मसौदा लगभग तैयार है. उनके अनुसार अगले 24 घंटों के भीतर इस प्रक्रिया को पूरा किया जा सकता है. इस बयान ने क्षेत्र में शांति की संभावनाओं को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है और कई देशों की नजरें अब अगले कुछ दिनों पर टिकी हुई हैं.
हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया है कि समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर होने की संभावना नहीं है. मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अंतिम तारीख अभी तय नहीं हुई है. उन्होंने यह भी माना कि रविवार को समझौते की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. इससे स्पष्ट है कि दोनों पक्षों के बीच कुछ मुद्दों पर अभी बातचीत जारी है.
अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद से स्थायी शांति समझौते के लिए लगातार वार्ताएं चल रही हैं. कई दौर की बातचीत के बावजूद अब तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई थी. हालिया बयानों से संकेत मिल रहे हैं कि दोनों पक्ष किसी समाधान के करीब पहुंच सकते हैं. यदि समझौता होता है तो इसका असर केवल क्षेत्रीय स्थिरता ही नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ सकता है.