IND Vs NZ

Operation Sindoor: धरती निगल गई या आसमान, इतने बड़े हमले के बाद से गायब है पाकिस्तान का सेना प्रमुख असीम मुनीर

पाकिस्तान पर हुए हमले के बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आपात बैठक बुलाई थी लेकिन सैन्य प्रमुख असीम मुनीर इस बैठक से गायब रहे. इतने बड़े हमले के बाद मुनीर कहां छिपा है कोई पता नहीं.

Sagar Bhardwaj

7 मई 2025 की सुबह भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए. यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले का जवाब थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी. हमले के बाद भारतीय सेना ने बयान जारी कर कहा, “यह कार्रवाई केंद्रित, संयमित और गैर-उत्तेजक थी.” इस हमले के बाद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आपातकाल घोषित कर दिया गया है. 

हमले के बाद से कहां गायब हैं पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के हमलों को ‘युद्ध की कार्रवाई’ करार देते हुए कहा, “पाकिस्तान को इसका करारा जवाब देने का पूरा अधिकार है.” इस हमले के बाद पाकिस्तानी पीएम ने उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठकें बुलाईं, लेकिन पाकिस्तानी सेना के प्रमुख असीम मुनीर इन बैठकों से गायब रहे. पाकिस्तान में सबसे शक्तिशाली माने जाने वाले मुनीर हमले के बाद से अभी तक दिखाई नहीं दिए हैं. रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल राजन कोचर (रिटायर्ड) ने कहा इस पर कहा, “मुनीर के कुछ सह-कमांडर और उनकी सोच के साथ तालमेल में नहीं हैं.”
 
मुनीर पर बढ़ता दबाव
लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र प्रताप पांडे ने कहा, “मुनीर के रक्षा मंत्री और अन्य की बॉडी लैंग्वेज संकट का संकेत देती है.” पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी सूत्रों ने मुनीर को अपने आपको ही सब कुछ समझने और “निजी महत्वाकांक्षाओं” को भारत के साथ तनाव का कारण बताया. 

मीटिंग में शामिल नहीं हुए इमरान खान
एक न्यूज चैनल के अनुसार, सीमा पार आतंकी ढांचा सेना नेतृत्व द्वारा संचालित एक कार्टेल है. इमरान खान की पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने सरकार की ब्रीफिंग में शामिल न होने का फैसला किया. PTI ने कहा, “यह केवल सरकारी ब्रीफिंग है, राष्ट्रीय सहमति बनाने या इमरान खान जैसे महत्वपूर्ण नेता को शामिल करने का कोई गंभीर प्रयास नहीं है.”

मुनीर की उकसावे की रणनीति
मुनीर ने शुरू में चुप्पी साधी, लेकिन घरेलू अशांति और PTI के बढ़ते समर्थन को देखते हुए उन्होंने आक्रामक रुख अपनाया. विशेषज्ञों के अनुसार, कश्मीर को “पाकिस्तान के गले की नस” कहना और दो-राष्ट्र सिद्धांत का जिक्र उनकी विभाजनकारी नीति को दर्शाता है. पहलगाम हमले के जवाब में भारत के गैर-सैन्य कदमों के बाद, मुनीर ने सैन्य अभ्यास के दौरान टैंक पर चढ़कर भारत को “तेज, दृढ़ और कड़ा जवाब” देने की चेतावनी दी थी.