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पाई-पाई बचाने में जुटा खस्ताहाल पाकिस्तान, अब रेड कारपेट के इस्तेमाल पर लगाया बैन

गले तक कर्ज में डूब चुके पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए पाक के नए नवेले पीएम छोटे से छोटे फालतू खर्चों पर रोक लगाने की कोशिश कर रहे हैं.

India Daily Live

Pakistan News: आसमान छूती महंगाई और खस्ताहाल होती अर्थव्यवस्था ने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की कमर तोड़कर रख दी है. गले तक कर्ज में डूब चुके पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए अब पाक के नए नवेले पीएम छोटे से छोटे फालतू खर्चों पर रोक लगाने की कोशिश कर रहे हैं. ताजा घटनाक्रम में पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने अपने अधिकारियों को आधिकारिक कार्यक्रमों में रेड कारपेट का इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है.

मंत्रियों-अधिकारियों की यात्राओं में रेड कारपेट बिछाने पर लगाया बैन

मीडिया में चल रही रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम ने कैबिनेट मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की यात्राओं के दौरान रेड कारपेट बिछाने की प्रथा पर रोक लगाने का निर्देश दिया है. जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि रेड कारपेट को विशेष रूप से राजनयिक स्वागत के लिए आरक्षित किया जाएगा.

वेतन भत्ते नहीं लेंगे पीएम और कैबिनेट मंत्री

बता दें कि प्रधानमंत्री शरीफ और उनकी कैबिनेट ने खर्चों को कम करने के लिए सामूहिक रूप से अपने वेतन और भत्ते छोड़ने का फैसला किया है. पिछले महीने पीएम शरीफ ने खर्चों को कम करने के उपायों पर सबसे ज्यादा महत्व देने पर जोर दिया था. ARY की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले महीने पाकिस्तानत के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने देश के सामने मौजूद आर्थिक चुनौतियों का हवाला देते हुए अपना वेतन और भत्ता लेने से इनकार कर दिया था.

2023 में इतिहास के सबसे खराब दौर से गुजरा पाकिस्तान

पाकिस्तानी अखबार 'द डॉन' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने कहा है कि पाकिस्तान को 2023 में अपने इतिहास में सबसे खराब आर्थिक संकटों में से एक का सामना करना पड़ा जिसमें गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी बढ़ गई जिससे लाखों लोगों के स्वास्थ्य, भोजन और पर्याप्त जीवन स्तर के अधिकार खतरे में पड़ गए.

पाकिस्तान पर जलवायु परिवर्तन का सबसे ज्यादा असर

HRW की वर्ल्ड रिपोर्ट 2024 के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा पाकिस्तान को कम खर्च करने और पर्याप्त क्षतिपूर्ति के बिना सब्सिडी हटाने को कहने की वजह से पाकिस्तान के निम्न आय वर्ग के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. इसके अलावा पाकिस्तान जलवायु परिवर्तन को लेकर भी काफी संवेदनशील बना हुआ है और वैश्विक औसत से काफी उच्च तापमान वृद्धि का सामना कर रहा है जिससे पाकिस्तान में बाढ़, सूखे की घटनाएं तेज हो गई हैं.