सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान की बौखलाहट बढ़ती जा रही है. एक पाकिस्तानी जल विशेषज्ञ ने दावा किया है कि चिनाब नदी पर भारत की ओर से चार बांध और जल परियोजनाएं बनाई जा रही हैं. उनका आरोप है कि इससे पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में खेती और अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हो सकता है. उन्होंने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय अदालत तक ले जाने की धमकी भी दी है.
सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है. इसी बीच पाकिस्तान के जल विशेषज्ञ राशिद अब्बासी ने एक टीवी बहस में भारत की जल परियोजनाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि चिनाब नदी पर भारत चार बड़े बांध बना रहा है.
अब्बासी ने बगलिहार बांध का उदाहरण देते हुए कहा कि इसकी क्षमता 450 मेगावाट है. उन्होंने पाकल दुल परियोजना की क्षमता करीब 1000 मेगावाट और रैटल परियोजना की क्षमता 850 मेगावाट बताई. इसके अलावा उन्होंने किश्तवाड़ में भी एक अन्य बांध का जिक्र किया.
राशिद अब्बासी ने आशंका जताई कि भारत की इन परियोजनाओं से पाकिस्तान को पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ सकता है. उनका दावा है कि प्रताप और रणबीर नहर के जरिए 10 लाख से 15 लाख एकड़-फीट पानी का रुख बदला गया है. अब्बासी के अनुसार, इससे पाकिस्तान को आर्थिक तौर पर करीब 2 अरब डॉलर या उससे अधिक का नुकसान हो सकता है.
पाकिस्तानी जल विशेषज्ञ ने कहा कि अगर इस मुद्दे पर तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो वह अपनी निजी हैसियत से अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय का रुख करने पर विचार कर सकते हैं. उन्होंने बांधों के जरिए जानबूझकर किसी देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश को गंभीर मामला बताया. उनका कहना था कि वह इस मामले में कुछ समय तक इंतजार करेंगे और इसके बाद कानूनी रास्ता अपनाने पर फैसला कर सकते हैं. राशिद अब्बासी ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि सिंधु जल से जुड़ा विवाद लंबे समय तक चल सकता है.