पैसों के लिए ताक पर रख दिया कुरान का संदेश, पाकिस्तान ने 50 साल बाद फिर से शुरू किया शराब का एक्सपोर्ट

पाकिस्तान में 50 साल के बाद शराब पर प्रतिबंध के बावजूद मरी ब्रेवरी ने 2025 में अनुमति मिलने के बाद यूके, जापान और थाईलैंड जैसे देशों को शराब का निर्यात शुरू कर दिया. हुक्मरानों ने पैसे के लिए कुरान के संदेश को ही ताक पर रख दिया. जानिए पूरा मामला.

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Dhiraj Kumar Dhillon

पाकिस्तान के हुक्मरानों ने पैसे के लिए कुरान के संदेश को ही ताक पर रख दिया. बता दें कि कुरान में मद्यपान को वर्जित बताया गया है.करीब पांच दशकों से पाकिस्तान में मुस्लिमों के लिए शराब पर पाबंदी है, लेकिन अब देश की एकमात्र स्थानीय स्वामित्व वाली बेवरी "मरी ब्रेवरी" ने शराब निर्यात शुरू कर दिया है. कंपनी ने अपनी बीयर और अन्य मादक पेय उन देशों को भेजना शुरू किया है जो इस्लामिक‌ सहयोग संगठन के सदस्य नहीं है. कंपनी के एक्सपोर्ट मैनेजर रमीज शाह के मुताबिक अप्रैल महीने में यूनाइटेड किंगडम, जापान, पुर्तगाल और थाईलैंड जैसे देशों को एक्सपोर्ट शुरू किया है. मरी ब्रेवरी पिछले कई वर्षों से गैर मादक पेय- पैकेज्ड जूस, मिनरल वाटर और फ्रूट फ्लेवर माल्ट का निर्यात करती रही है. 

1860 में हुई थी “मरी ब्रेवरी” की स्थापना

"मरी ब्रेवरी" की स्थापना 1860 में एडवर्ड डायर और एडवर्ड व्हिम्पर ने अंग्रेजी सैनिकों को बीयर की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए की थी. 1947 में ब्रेवरी का स्वामित्व एक पारसी परिवार के पास चला गया था, अब पाकिस्तान नेशनल असेंबली के सदस्य इस्फानयार भंडारा इसके स्वामी हैं. उन्हीं की पैरवी पर पाकिस्तान सरकार ने शराब और बीयर के एक्सपोर्ट की अनुमति दी है.

चीनी कंपनी को बनाया आधार

दरअसल इस्फानयार भंडारा ने अपनी कंपनी "मरी ब्रेवरी" के लिए निर्यात खोलने के लिए बलूचिस्तान में चीन के द्वारा स्थापित की गई ब्रेवरी को आधार बनाया. 2021 में इस चीनी ब्रेवरी की स्थापना चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) जैसी परियोजनाओं के चीनी कर्मचारियों के लिए की गई थी. 

1977 तक आम आदमी के ल‌िए उपलब्ध थी शराब

1977 तक पाकिस्तान में आम आदमी के लिए उपलब्ध शराब थी, लेकिन इस्लामिक दलों के दबाव में तत्कालीन प्रधानमंत्री जुल्फीकार अली भुट्टो ने पाकिस्तान में मुस्लिमों के लिए शराब बैन कर दी. उसके बाद से मरी ब्रेवरी गैर मुस्लिमों और विदेशियों के लिए लाईसेंस प्राप्त दुकान के जरिए बीयर और शराब उपलब्ध कराती रही है.

1977 में निर्यात भी बैन कर दिया था

पाकिस्तान सरकार ने 1977 में शराब और बीयर का एक्सपोर्ट बैन कर दिया था. उससे पहले "मरी ब्रेवरी" से भारत, अफगानिस्तान और अमेरिका को भी शराब एक्सपोर्ट करता था. 2025 में एक्सपोर्ट की अनुमति मिलने के बाद मरी ब्रेवरी विदेशों में अपना कारोबार बढ़ाने के ल‌िए नेटवर्क तैयार कर रही है.