Pahalgam Terror Attack: भारत के खौफ से पाकिस्तान की बढ़ती जा रही बेचैनी, अब रूस से लगाई मदद की गुहार

Pahalgam Terror Attack 2025: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव पैदा कर दिया है. इस हमले में 26 लोग जान गंवा बैठे, जो 2019 के पुलवामा हमले के बाद का सबसे भयानक हमला था.

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Ritu Sharma

Pahalgam Terror Attack 2025: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में जबरदस्त तनातनी आ गई है. इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे. यह हमला घाटी में 2019 के पुलवामा हमले के बाद सबसे बड़ा बताया जा रहा है. पीएम नरेंद्र मोदी ने हमले के दोषियों को सज़ा देने का संकल्प लिया है.

वहीं हमले के बाद पाकिस्तान ने तनाव को कम करने के लिए रूस से कूटनीतिक हस्तक्षेप की अपील की है. मॉस्को में पाकिस्तान के राजदूत मोहम्मद खालिद जमाली ने एक इंटरव्यू में कहा कि रूस भारत का रणनीतिक साझेदार होने के साथ-साथ पाकिस्तान से भी अच्छे संबंध रखता है. ऐसे में रूस 1966 की ताशकंद वार्ता की तरह दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर सकता है.

रूस का शांति और संयम का संदेश

बता दें कि पाकिस्तान की अपील के बाद रूस की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से फोन पर बातचीत के दौरान दोनों देशों से 1972 के शिमला समझौते और 1999 के लाहौर घोषणापत्र की भावना के अनुरूप मसलों को शांतिपूर्वक सुलझाने की अपील की. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के बजाय आपसी बातचीत के जरिए हल निकालना चाहिए.

डार-लावरोव के बीच चर्चा

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने भी रूसी विदेश मंत्री लावरोव से टेलीफोन पर बात की. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने बताया कि डार ने लावरोव को क्षेत्रीय हालात की जानकारी दी. इस पर लावरोव ने चिंता जताते हुए दोनों देशों से संयम बरतने और कूटनीति के जरिए तनाव घटाने की बात कही.

भारत का सख्त रुख, सिंधु समझौता निलंबित

इसके अलावा, पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. पीएम मोदी ने साफ कहा कि हमले के पीछे जो भी हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. भारत ने 1960 के सिंधु जल समझौते को निलंबित करने की भी घोषणा की है, जिससे दोनों देशों के बीच जल बंटवारे की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है.

पर्यटन पर असर, सुरक्षा चाक-चौबंद

इतना ही नहीं, पहलगाम हमले के बाद से पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट है. सुरक्षा बलों ने जिम्मेदार आतंकियों की तलाश में बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है. पर्यटक क्षेत्र की सड़कें वीरान हो चुकी हैं और स्थानीय लोग डरे-सहमे हैं.