'एक दिन का भी पेट्रोल रिजर्व नहीं', पाकिस्तानी पेट्रोलियम मंत्री ने खोली अपने ही देश की पोल

पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली मलिक ने कहा है कि उनके देश के पास एक दिन के लिए भी रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व नहीं है. उन्होंने भारत की तुलना करते हुए कहा कि भारत एक साइन पर 60-70 दिनों का तेल निकाल सकता है, जबकि पाकिस्तान के पास केवल 5-7 दिनों का कमर्शियल क्रूड ऑयल रिजर्व है.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: पाकिस्तान में तेल संकट गहराता जा रहा है. पेट्रोलियम मंत्री अली मलिक ने स्वीकार किया कि उनके देश के पास रणनीतिक तेल भंडारण बिल्कुल नहीं है. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि पाकिस्तान के पास केवल 5 से 7 दिनों का कमर्शियल क्रूड ऑयल रिजर्व बचा है. वहीं उन्होंने भारत की तुलना करते हुए कहा कि भारत के पास 60-70 दिनों का रिजर्व है, जिसे सिर्फ एक साइन पर निकाला जा सकता है. पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच यह बयान पाकिस्तान की ऊर्जा सुरक्षा की कमजोरी को उजागर करता है.

क्या बोले पेट्रोलियम मंत्री अली मलिक?

पेट्रोलियम मंत्री अली मलिक ने एक इंटरव्यू में कहा कि पाकिस्तान के पास कोई स्ट्रैटेजिक ऑयल रिजर्व नहीं है. केवल कमर्शियल रिजर्व हैं, जो 5 से 7 दिनों के क्रूड ऑयल के बराबर हैं. रिफाइंड प्रोडक्ट भी केवल 20-21 दिनों तक ही चल सकता है. उन्होंने कहा, 'हम भारत जैसे नहीं हैं, जो 60-70 दिनों का रिजर्व रखता है और सिर्फ एक साइन पर उसे रिलीज कर सकता है.'

पाकिस्तान की ऊर्जा सुरक्षा बेहद कमजोर

मंत्री ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान में एक दिन के लिए भी स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व नहीं है, जिससे देश की ऊर्जा व्यवस्था बाहरी झटकों के प्रति बेहद संवेदनशील हो गई है. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध इस कमजोरी को और उजागर कर रहा है. पाकिस्तान को अब तेल भंडारण क्षमता बढ़ाने और लंबी अवधि की ऊर्जा तैयारियों पर ध्यान देने की जरूरत है.

रिपोर्ट तैयार, लेकिन महंगा पड़ रहा लागू करना

अली मलिक ने बताया कि पाकिस्तान सरकार ने स्ट्रैटेजिक रिजर्व पर काफी रिसर्च कराई है. एक स्वतंत्र कंसल्टेंट ने विस्तृत रिपोर्ट भी सौंपी है, जिसमें 90 दिनों तक के रिजर्व बनाने का सुझाव दिया गया है. लेकिन रिपोर्ट पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है क्योंकि इसमें सैकड़ों मिलियन डॉलर की लागत आएगी.

भारत से तुलना करते हुए जताई चिंता

मंत्री ने भारत की तुलना में पाकिस्तान की स्थिति को काफी चिंताजनक बताया. भारत के पास 5.33 मिलियन मीट्रिक टन क्षमता का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व है, जो करीब 37 मिलियन बैरल के बराबर है. वहीं पाकिस्तान के पास ऐसा कोई डेडिकेटेड रिजर्व नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार जनता को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए सब्सिडी देने की कोशिश कर रही है, लेकिन वैश्विक तेल की कीमतों में उछाल से स्थिति नियंत्रण में रखना चुनौतीपूर्ण है.