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India Daily

'वे असली कश्मीरी नहीं', PoK पर पाकिस्तान की दोहरी नीति उजागर? ख्वाजा आसिफ के बयान से उठे नए सवाल

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अनजाने में दुनिया के सामने कुछ ऐसा कह दिया, जिसे भारत सालों से साबित करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने पीओके के लोगों को असली कश्मीरी बताने से इनकार कर दिया है.

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Edited By: Shanu Sharma
'वे असली कश्मीरी नहीं', PoK पर पाकिस्तान की दोहरी नीति उजागर? ख्वाजा आसिफ के बयान से उठे नए सवाल
Courtesy: AI

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को लेकर कई विवादित बयान दिए हैं. हालांकि उनके बयान उल्टा उन पर ही भारी पड़ सकते हैं. भारत और पाकिस्तान के बीच शुरू से ही पीओके को लेकर विवाद रहा है. पाकिस्तान हमेशा से इसे पाकिस्तान का हिस्सा बताता रहा है, लेकिन व्यवहार सौतेला ही करता रहा है.

पीओके में लोग इस समय बिजली और रोटी के लिए अपनी जिंदगी को खतरे में डाल रहे हैं. पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर इन लोगों पर बर्बरता से कार्रवाई कर रहे हैं और वहीं देश के मंत्री इन लोगों को अपना मानने से इनकार कर रहे हैं. जो पीओके के लोगों का हाल बताने के लिए काफी है.

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने क्या कहा?

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बड़ा बयान दे दिया है. उन्होंने कहा कि पीओके के रावलाकोट और मीरपुर में रहने वाले लोग असली कश्मीरी नहीं हैं. इसी के साथ उन्होंने भारत द्वारा सालों से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किए जा रहे दावे पर मुहर लगा दी. उन्होंने पूरी दुनिया के सामने इस बात को माना कि पीओके को वह अपने देश का हिस्सा नहीं मानते हैं. संयुक्त राष्ट्र से लेकर ओआईसी जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान हमेशा यह झूठा दावा करता रहा है कि पूरा कश्मीर एक है और पाकिस्तानी सरकार वहां की जनता के साथ है. ऐसे में रक्षा मंत्री के इस बयान ने पाकिस्तान सरकार की दोहरी मानसिकता को दुनिया के सामने ला दिया है. ख्वाजा आसिफ के बयान को पीओके को लेकर पाकिस्तान के आधिकारिक रुख के विपरीत माना जा रहा है.

पीओके को लेकर पाकिस्तान का रुख

ख्वाजा आसिफ के इस बयान ने दुनिया को यह दिखा दिया कि पीओके को लेकर पाकिस्तान के दिल में कोई अपनापन नहीं है. इस जमीन का इस्तेमाल केवल भारत के खिलाफ साजिश रचने के लिए किया जाता है. यहां के लोगों के लिए पाकिस्तान सरकार के दिल में कोई सम्मान नहीं है. बता दें कि पीओके में पहले से ही विद्रोह की आग फैली हुई है. बढ़ती महंगाई के खिलाफ लोग पहले से ही पाकिस्तान सरकार के विरुद्ध अपनी आवाज उठा रहे हैं. हालांकि पाकिस्तानी सरकार इन प्रदर्शनकारियों की बात को सुनने के बजाय, उन्हें शांत कराने के लिए बल का इस्तेमाल कर रही है.

भारत ने दी प्रतिक्रिया

वहीं हर बार की तरह इस बार भी अपनी नाकामियों का ठिकरा भारत पर फोड़ने की कोशिश की जा रही है, लेकिन भारत द्वारा इसे सिरे से खारिज करते हुए प्रतिक्रिया दे दी गई है. भारत की ओर से विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस इलाके में चल रहा प्रदर्शन पाकिस्तान द्वारा सालों से किए जा रहे आर्थिक शोषण का नतीजा है. उन लोगों को उनके बुनियादी अधिकारों से दूर रखा गया है. निहत्थे नागरिकों का खाना, दवा, बिजली और इंटरनेट बंद कर उनके खिलाफ घातक बल का इस्तेमाल करना सही नहीं है. इसी के साथ जायसवाल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पीओके की स्थिति पर पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने का आग्रह किया.