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India Daily

'रूस, चीन पता लगा सकते हैं कि मोदी झूठ बोल रहे हैं या नहीं', पहलगाम हमले पर ये क्या बोल गया पाकिस्तान

Pahalgam Attack: पहलगाम हमले को लेकर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने बेतुका बयान देते हुए कहा है कि रूस और चीन इसकी जांच कर सकते हैं इसका जिम्मेदार है.

Gyanendra Tiwari
'रूस, चीन पता लगा सकते हैं कि मोदी झूठ बोल रहे हैं या नहीं', पहलगाम हमले पर ये क्या बोल गया पाकिस्तान
Courtesy: Social Media

Pahalgam Attack: पहलगाम हमले पर पाकिस्तान का बेतुका बयान सामने आया है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आशिफ ने एक इंटरव्यू में अपनी इच्छा व्यक्त करेत हुए कहा कि रूस, चीन और पश्चिमी देश इस बात का पता लगा सकते हैं कि पहलगाम आतंकी हमले का सच क्या था. भारत कितना सच बोल रहा है. 

पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा, "मुझे लगता है कि रूस या चीन या यहां तक ​​कि पश्चिमी देश भी इस संकट में बहुत ही सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं और वे एक जांच दल भी गठित कर सकते हैं, जिसे यह काम सौंपा जाना चाहिए कि भारत या मोदी झूठ बोल रहे हैं या सच बोल रहे हैं. एक अंतरराष्ट्रीय दल को इसका पता लगाने दीजिए."

इंटरनेशनल जांच की मांग की

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस विषय पर इंटरनेशनल जांच की सिफारिश की थी. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस जांच में हर संभव मदद करने के लिए तैयार है. 

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा, "आइए जानें कि भारत में इस घटना का दोषी और अपराधी कौन है. कश्मीर में बातों या खोखले बयानों का कोई असर नहीं होता. कोई सबूत तो होना ही चाहिए कि पाकिस्तान इसमें शामिल है या फिर इन लोगों को पाकिस्तान का समर्थन प्राप्त था. ये सिर्फ बयानबाजी है, खोखले बयान और कुछ नहीं."

लश्कर-ए-तैयबा के द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी. इस आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान और भारत के संबंध बहुत ही खराब दौर से गुजर रहे हैं. इन सबके बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री द्वारा दिया गया इस तरह से दोनों देशों के रिश्तों में और भी खटास आ सकती है. 

आतंकवादियों का समर्थन करने की बात स्वीकार की

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने स्काई न्यूज को दिए इंटरव्यू में यह भी स्वीकार किया कि आतंकवादी संगठनों को समर्थन देने का पाकिस्तान का इतिहास पश्चिम के लिए "गंदा काम" रहा है. 

उन्होंने कहा, "हम यह गंदा काम अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई पश्चिमी देशों के लिए करते पिछले 3 दशक से करते आ रहे हैं."