क्या पाकिस्तान में होने वाला है तख्तापलट? इस्लामाबाद कंटेनरों से सील, शहबाज सरकार पर संकट!
पाकिस्तान में राजनीतिक हलचल तेज है. इस्लामाबाद को कंटेनरों से सील किए जाने और गृह मंत्री मोहसिन नकवी के बयानों के बाद शहबाज शरीफ सरकार पर संकट की अटकलें बढ़ गई हैं. सेना प्रमुख असीम मुनीर की भूमिका भी चर्चा में है.
पाकिस्तान की राजनीति एक बार फिर अस्थिरता के दौर से गुजरती दिखाई दे रही है. राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा कड़ी कर कंटेनरों से कई रास्ते बंद कर दिए गए हैं. इसी बीच गृह मंत्री मोहसिन नकवी के लगातार बयानों ने सत्ता परिवर्तन और सैन्य हस्तक्षेप को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है.
इस्लामाबाद में बढ़ी हलचल, तख्तापलट की अटकलें तेज
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था अचानक सख्त कर दी गई है और कई इलाकों को कंटेनरों की मदद से बंद कर दिया गया है. इसके बाद देश में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है. विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार दबाव में है और सत्ता परिवर्तन की चर्चाएं तेज हो गई हैं. इन अटकलों के केंद्र में सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का नाम भी लिया जा रहा है. हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है.
मोहसिन नकवी के बयान से बढ़ा राजनीतिक विवाद
गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने हाल के दिनों में पाकिस्तान की शासन व्यवस्था को पूरी तरह विफल बताते हुए बड़ा बयान दिया. इसके बाद उन्होंने दावा किया कि देश के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें न्यायपालिका, नौकरशाही, राजनेता और बैंकिंग तंत्र से जुड़े लोग शामिल हैं. नकवी ने किसी का नाम सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी. उनके इन बयानों को सरकार पर सीधा हमला माना जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इससे सरकार और सत्ता प्रतिष्ठान के बीच तनाव की चर्चा और तेज हो गई है.
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आसिम मुनीर और नकवी की भूमिका पर उठ रहे सवाल
विश्लेषकों का मानना है कि मोहसिन नकवी को सेना प्रमुख आसिम मुनीर का करीबी माना जाता है और भविष्य में उन्हें बड़ी राजनीतिक जिम्मेदारी मिल सकती है. कुछ जानकारों का यह भी कहना है कि बलूचिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) सहित कई मोर्चों पर बढ़ती चुनौतियों के बीच मुनीर अपने प्रभाव को और मजबूत करने की कोशिश कर सकते हैं. वहीं, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नकवी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह खुद को प्रधानमंत्री के प्रति भी जवाबदेह नहीं मानते. इन घटनाओं ने पाकिस्तान की राजनीतिक दिशा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं, हालांकि सत्ता परिवर्तन या तख्तापलट को लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.