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अफगानिस्तान-पाकिस्तान में महाजंग की तैयारी, तालिबान ने बॉर्डर पर घातक हथियारों के साथ तैनात किए लड़ाके

तालिबान का आरोप है कि अफगानिस्तान के पूर्वी पकटिका प्रांत में पाकिस्तानी हवाई हमलों में दर्जनों लोग मारे गए, जबकि इस्लामाबाद ने अभी तक काबुल के दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

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Edited By: Mayank Tiwari
अफगानिस्तान-पाकिस्तान में महाजंग की तैयारी, तालिबान ने बॉर्डर पर घातक हथियारों के साथ तैनात किए लड़ाके
Courtesy: X@TRTWorldNow

अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात ने पाकिस्तान द्वारा हाल की एयरस्ट्राइक्स के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए अपनी सीमा पर भारी हथियार तैनात कर दिए हैं. इस दौरान अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मौलवी मुहम्मद याकूब मुजाहिद ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि यदि पाकिस्तान ने अपनी आक्रामकता जारी रखी, तो अफगानिस्तान इसका मजबूती से जवाब देगा. दरअसल, तालिबान का आरोप है कि अफगानिस्तान के पूर्वी पकटिका प्रांत में पाकिस्तानी हवाई हमलों में दर्जनों लोग मारे गए, जबकि इस्लामाबाद ने अभी तक काबुल के दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से किए गए ताजा हवाई हमलों के बाद, अफगानिस्तान ने अपनी रक्षा स्थिति को मजबूत करते हुए अपनी सीमा पर सैन्य उपकरणों और हथियारों को तैनात कर दिया है.  रक्षा मंत्री मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान किसी भी तरह की आक्रामकता का सामना करने के लिए तैयार है और अगर पाकिस्तान ने अपनी एयरस्ट्राइक्स जारी रखी, तो उसे मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा.

तालिबान ने दिया सख्त संदेश

तालिबान ने भी एक मजबूत संदेश दिया है कि वह पाकिस्तान के किसी भी और आक्रमण का कठोर प्रतिक्रिया के साथ सामना करेगा. यह कदम अफगानिस्तान की रक्षा रणनीति का हिस्सा है, जो इस्लामिक अमीरात की राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है. तालिबान ने कहा है कि पाकिस्तान को यह समझना होगा कि अफगानिस्तान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है.

आगे का रास्ता: तनाव और संघर्ष का खतरा

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह बढ़ता हुआ सैन्य तनाव दोनों देशों के लिए गंभीर परिणामों का कारण बन सकता है. अफगानिस्तान ने अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की बात की है, जबकि पाकिस्तान का रुख अब तक इस पर प्रतिक्रिया देने का रहा है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से इस संघर्ष को शांत करने के लिए कोई पहल नहीं की गई है, और स्थिति में और भी गंभीरता आ सकती है.