पाकिस्तान की निकल गई 'हेकड़ी', तालिबान के सामने घुटनों पर आए मुनीर! अफगानिस्तान से बैक चैनल वार्ता के लिए काबुल भेजा प्रतिनिधिमंडल
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ चल रहे तनाव को शांत कराने के लिए काबुल में तालिबान के साथ बातचीत के लिए तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भेजा है. जिसकी अगुवाई वैश्विक आतंकी घोषित मौलाना फजल-उर-रहमान खलील कर रहे हैं.
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष जारी है. आज इस संघर्ष का 13वां दिन है, इस दौरान अफगान सेना ने पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान पहुंचाया है. सामने आ रहे रिपोर्ट के मुताबिक 337 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए. इसके अलावा पाकिस्तान के 184 सैन्य चौकियां और 7 बड़े सैन्य अड्डे नष्ट हो गए.
पाकिस्तान अब इस संघर्ष को खत्म करना चाहता है. जिसके लिए बैक चैनल वार्ता शुरू करने की कोशिश की गई है. मिल रही जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान ने काबुल में अफगान तालिबान के साथ बातचीत के लिए एक तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भेजा है.
जैश-ए-मोहम्मद और तालिबान के पुराने रिश्ते
इस संघर्ष को रुकवाने के लिए पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई वैश्विक आतंकी घोषित मौलाना फजल-उर-रहमान खलील कर रहे हैं. इन्हें हरकत-उल-मुजाहिद्दीन का संस्थापक और जैश-ए-मोहम्मद के शूरा सदस्य भी बताया जाता हैं. इस प्रतिनिधिमंडल में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कमांडर अब्दुल्लाह सईद शाह और हरकत-उल-मुजाहिद्दीन के संस्थापक सदस्य मौलाना सज्जाद उस्मान भी शामिल हैं. ये तीनों नेता सोवियत संघ के खिलाफ अफगान जिहाद में सक्रिय रहे हैं और अफगान तालिबान से पुराने संबंध रखते हैं. सूत्रों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक तालिबान सरकार के अधिकारियों के साथ इस दल ने बैठक की. पाकिस्तान की ओर से शांति का प्रस्ताव रखा गया. हालांकि, अफगान तालिबान ने युद्धविराम के लिए कई सख्त शर्तें रखी है.
पाकिस्तान ने कई देशों से की मध्यस्थता की अपील
मिल रही जानकारी के मुताबिक इस बैठक में पाकिस्तान ने लिखित रूप से वादा किया है कि दोबारा अफगानिस्तान पर हमला नहीं करेगा. पाकिस्तान ने युद्ध शुरू होने के बाद कतर, संयुक्त अरब अमीरात और तुर्की जैसे देशों से मध्यस्थता की अपील की थी, लेकिन तालिबान ने इन सभी से बातचीत में यही शर्त दोहराई.
सूत्र बताते हैं कि ISI की सलाह पर जैश-ए-मोहम्मद के कमांडरों को भेजा गया, क्योंकि पहले भी मसूद अजहर जैसे नेताओं की मदद से तालिबान से संपर्क साधा गया था. इन आतंकियों के पुराने जिहादी संबंधों का फायदा उठाने की कोशिश की जा रही है. दोनों देशों के बीच यह संघर्ष पिछले महीने तेज हुआ जब पाकिस्तान ने टीटीपी ठिकानों पर हमला किया. अफगान तालिबान ने जवाबी कार्रवाई की, जिससे सीमा पर 'ओपन वॉर' की स्थिति बन गई. इस दौरान कई लोगों की मौत हो गई.
और पढ़ें
- सोराब बेदी को डेट कर रही हैं मलाइका अरोड़ा? स्प्लिट्सविला 16 के कंटेस्टेंट ने अफवाहों को किया कंफर्म!
- देहरादून में छाया धुंध...मार्च में पहली बार AQI 300 पार, लोग पड़ रहे बीमार; जानें कितना है तापमान
- अब नहीं थमेगी जंग! स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर माइंस बिछा रहा ईरान, अमेरिका ने 16 जहाजों को उड़ाने का किया दावा