पंजाब में नशा माफिया के 'अवैध' साम्राज्य पर चला बुलडोजर, 17 केस वाले तस्कर दंपति का घर जमींदोज
लुधियाना में नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने मनोज साहनी और उसकी पत्नी की अवैध इमारत को ढहा दिया है. इन दोनों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं.
लुधियाना: पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन ने नशे के सौदागरों की कमर तोड़ने के लिए अब उनके अवैध साम्राज्यों पर सीधा प्रहार करना शुरू कर दिया है. लुधियाना के मंडी मुल्लांपुर इलाके में नशा माफिया पर बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने उनकी एक अवैध इमारत पर बुलडोजर चला दिया. यह संपत्ति नशा तस्करी के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे पति-पत्नी की थी, जिन्होंने बिना किसी कानूनी अनुमति के इसका निर्माण किया था. एसएसपी डॉ. अंकर गुप्ता के नेतृत्व में यह अभियान प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के संकल्प को दोहराता है.
मंडी मुल्लांपुर के गुरु नानक महल्ला में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब भारी पुलिस बल के साथ नगर परिषद की टीम जेसीबी मशीनों के साथ पहुंची. ड्यूटी मजिस्ट्रेट ई.ओ. विकास उपल और कार्य साधक अधिकारी हैप्पी कुमार की मौजूदगी में पीला पंजा गरजा और नशा तस्करों के अवैध निर्माण को देखते ही देखते मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया गया. प्रशासन की यह कार्रवाई नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को दर्शाती है. ताकि अपराधियों में कानून का खौफ बना रहे.
नोटिस की अनदेखी पड़ी भारी
मनोज साहनी और उसकी पत्नी सुनीता को पंजाब म्यूनिसिपल एक्ट 1911 की धारा 220 के तहत 9 अप्रैल को ही नोटिस थमा दिया गया था. इसमें साफ तौर पर बिना नक्शा पास करवाए बनाई गई इमारत को गिराने के निर्देश थे. लेकिन आरोपियों ने प्रशासन के नियमों को ठेंगा दिखाया और समय सीमा के भीतर नोटिस का कोई पालन नहीं किया. जिसके बाद प्रशासन को कानून सम्मत तरीके से स्वयं यह कार्रवाई करनी पड़ी.
तस्करों का संगीन आपराधिक रिकॉर्ड
यह मामला केवल एक अवैध दीवार गिराने का नहीं है. बल्कि एक बड़े अपराध तंत्र पर चोट करने का है. पति-पत्नी की यह जोड़ी इलाके में नशा तस्करी के लिए कुख्यात रही है. पुलिस फाइलों के मुताबिक दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 17 मामले दर्ज हैं. इनमें से सुनीता के नाम 8 और मनोज के नाम 9 गंभीर आपराधिक मामले अलग-अलग थानों में चल रहे हैं. समाज में जहर घोलने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ यह एक कड़ी नजीर पेश की गई है.
जेल और जमानत का खेल
खेल तस्करों के पारिवारिक हालात भी कम चौंकाने वाले नहीं हैं. वर्तमान में सुनीता साहनी जेल की सलाखों के पीछे है, जबकि उसका पति मनोज साहनी करीब एक सप्ताह पहले ही जेल से रिहा होकर वापस आया था. जेल से बाहर आते ही प्रशासन की इस कार्रवाई ने उसे कड़ा संदेश दिया है. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि नशा माफिया की अवैध कमाई से खड़ी की गई इमारतों को तोड़ना उनके मनोबल को कुचलने और उनकी आर्थिक रीढ़ तोड़ने की दिशा में सबसे प्रभावी कदम है.
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