पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर संकट, ख्वाजा आसिफ का ऐलान, वार्ता नाकाम हुई तो केवल युद्ध

तुर्की में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच उच्च-स्तरीय वार्ता आज हो रही है, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने चेतावनी दी है कि अगर वार्ता सफल नहीं हुई, तो नतीजा केवल युद्ध होगा.

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Reepu Kumari

तुर्की में आज पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच उच्च-स्तरीय वार्ता होने जा रही है. दोनों देशों के बीच यह बैठक कई हफ्तों से जारी तनाव और अफगान तालिबान द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच हो रही है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने साफ चेतावनी दी कि अगर वार्ता विफल हुई, तो परिणाम सिर्फ युद्ध होगा. उनका कहना है कि पाकिस्तान के पास हर स्थिति का विकल्प मौजूद है और हालात गंभीर हैं.

तालिबान का आरोप है कि पाकिस्तान की सेना, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की अगुवाई में, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार को दरकिनार कर काबुल के साथ तनाव बढ़ा रही है. इसके अलावा अमेरिका अफगानिस्तान में रणनीतिक बगराम एयरबेस का संचालन अपने नियंत्रण में लेना चाहता है. इस तनावपूर्ण माहौल में तुर्की में होने वाली वार्ता क्षेत्रीय स्थिरता और दोनों देशों के भविष्य के लिए निर्णायक मानी जा रही है.

ख्वाजा आसिफ की चेतावनी

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने स्पष्ट कहा कि अगर वार्ता असफल रही, तो स्थिति और बिगड़ सकती है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पास हर विकल्प मौजूद है और किसी भी हमले का कड़ा जवाब देने की क्षमता है. साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि देश की संप्रभुता और सुरक्षा के उल्लंघन को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आवश्यकतानुसार सभी कूटनीतिक और सैन्य उपाय अपनाए जाएंगे ताकि तनाव को नियंत्रित किया जा सके.

अफगान तालिबान के आरोप

अफगान तालिबान ने कहा कि पाकिस्तान की सेना काबुल के साथ तनाव बढ़ा रही है. तालिबान ने पहली बार माना कि अमेरिकी ड्रोन हमलों में पाकिस्तान की हवाई सीमा का इस्तेमाल हो रहा है, जिसे रोक पाने में इस्लामाबाद असमर्थ है.

ट्रंप के साथ बैठक पर सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ वॉशिंगटन में हुई बैठक में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर मौजूद थे. इस पर सवाल उठ रहे हैं कि क्यों किसी देश की नागरिक सरकार के बजाय सेना प्रमुख राष्ट्रपति से मिल रहे हैं.

जंग की कगार पर दोनों देश

अफगान तालिबान के दावे और पाकिस्तानी सैन्य हलकों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. तुर्की में आज की वार्ता निर्णायक साबित हो सकती है, क्योंकि अगर यह असफल रही, तो पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के अनुसार, अगला कदम केवल युद्ध होगा.