पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 7 मई की सुबह ऑपरेशन सिंदूर के तहत उनके प्रमुख एयरबेसों पर भारत के सटीक हमलों की पुष्टि की. यह उनका पहला ऐसा वीडियो है जिसमें वे हाल ही में चार दिनों तक चली तनातनी के बारे में बात कर रहे हैं. शुक्रवार को पाकिस्तान स्मारक पर आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा कि भारतीय अभियान शुरू होने के कुछ ही पल बाद सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने उन्हें सुबह 2:30 बजे जगाया.
शरीफ ने इस्लामाबाद में संवाददाताओं से कहा, जनरल मुनीर ने मुझे सुबह 2:30 बजे व्यक्तिगत रूप से फोन करके हमलों के बारे में जानकारी दी. यह गंभीर चिंता का क्षण था. भाजपा के राष्ट्रीय आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर वीडियो साझा करते हुए इस घटना को ऑपरेशन सिंदूर की साहस और दक्षता का प्रमाण बताया.
मालवीय ने लिखा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद माना है कि जनरल असीम मुनीर ने उन्हें रात 2:30 बजे फोन करके बताया कि भारत ने नूर खान एयर बेस और कई अन्य स्थानों पर बमबारी की है. इसे समझें - प्रधानमंत्री को आधी रात को पाकिस्तान के अंदर हमलों की खबर के साथ जगाया गया. यह "ऑपरेशन सिंदूर" के पैमाने, सटीकता और साहस के बारे में बहुत कुछ बताता है.
Pakistan PM Shehbaz Sharif himself admits that General Asim Munir called him at 2:30am to inform him that India had bombed Nur Khan Air Base and several other locations. Let that sink in — the Prime Minister was woken up in the middle of the night with news of strikes deep inside… pic.twitter.com/b4QbsF7xJh
— Amit Malviya (@amitmalviya) May 16, 2025
पाकिस्तान ने पहले दावा किया था कि उसके JF-17 लड़ाकू विमानों ने पंजाब के आदमपुर एयरबेस पर S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर दिया. हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेस पर अचानक पहुंचे जाने से पाकिस्तान के दुष्प्रचार अभियान को एक निर्णायक कदम में ही ध्वस्त कर दिया गया. भारत की यह कार्रवाई 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए घातक आतंकवादी हमले का जवाब थी , जिसमें 26 लोग मारे गए थे. भारतीय अधिकारियों ने हमले के लिए पाकिस्तान स्थित समूहों को दोषी ठहराया था और जवाबी कार्रवाई की कसम खाई थी.
अगले तीन दिनों में, पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को जवाबी ड्रोन और मिसाइल हमलों में भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का प्रयास किया. भारतीय सेना ने भारी गोलाबारी के साथ जवाब दिया, जिसमें कई पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया, जिसे "नपी-तुली लेकिन निर्णायक जवाबी कार्रवाई" कहा गया. चार दिनों तक सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव समाप्त करने के लिए 10 मई को सहमति बनी थी.