इस मुस्लिम देश ने नागरिकों के ज्यादा नमाज पढ़ने पर जताई आपत्ति, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

इस्लामी मामलों के मंत्रालय ने एक सर्कुलर जारी किया है. जिसमें इमामों और मुअज्जिनों को निर्देश दिया है कि वे दोपहर और अपराह्न की नमाज़ के लिए इक़ामत को छोटा करें. साथ ही नमाज़ को अनावश्यक रूप से लंबा न करें.

Social Media
Mayank Tiwari

इस्लाम दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते धर्मों में से एक है. वहीं, इस धर्म के मानने वाले जानते हैं कि इस्लाम के 5 स्तंभ हैं, और नमाज़ उनमें से एक है. हाल ही में अरब टाइम्स कुवैत की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने एक सर्कुलर जारी किया है. जिसमें इमामों और मुअज़्ज़िनों को दोपहर और दोपहर की नमाज़ के लिए इक़ामत को छोटा करने और नमाज को अनावश्यक रूप से लंबा करने से बचने का निर्देश दिया गया. यह मस्जिदों में बिजली और पानी के संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए है.

नमाज के दौरान बिजली कटौती की योजना

अरब टाइम्स कुवैत के अनुसार, कुवैत सरकार ने "सर्कुलर संख्या 8, 2024" जारी किया है, जिसमें मंत्रालय से मिले संदेश के आधार पर मस्जिदों में तय बिजली कटौती की योजना के बारे में जानकारी दी गई है. यह कटौती दोपहर की अज़ान के 30 मिनट बाद से शुरू होगी और अपराह्न की नमाज से 15 मिनट पहले समाप्त होगी. इसके अलावा, अपराह्न नमाज के बाद से शाम 5 बजे तक भी बिजली कटौती जारी रहेगी. कुवैत मस्जिद ऐप के अनुसार, यह कटौती सभी 6 प्रांतों में लागू की जाएगी.

वुजू के दौरान पानी की बचत

कुवैत सरकार ने वुजू (नमाज से पहले की जाने वाली शारीरिक सफाई) के दौरान पानी की बचत को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं. मस्जिद अधिकारियों को अनावश्यक पानी की बर्बादी रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है. इस पहल का उद्देश्य न केवल महत्वपूर्ण संसाधनों की बचत करना है, बल्कि मस्जिदों के रखरखाव में भी सुधार लाना है.

कुवैत सरकार ने सभी मुसलमानों से की ये अपील

कुवैत सरकार ने सभी मुसलमानों से आग्रह किया है कि वे नए दिशा-निर्देशों का पालन करें और ऊर्जा संकट से निपटने के प्रयासों में सहयोग करें. हालांकि, इस कदम को लेकर कुछ आलोचनाएं भी की जा रही हैं, लेकिन सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय समय की आवश्यकता है और इसे लागू करना जरूरी है.