IPL 2026

'हम पाकिस्तान के आभारी हैं, मध्यस्थता वार्ता के लिए इस्लामाबाद...', युद्धविराम को लेकर बोले ईरान के विदेश मंत्री

ईरान ने स्पष्ट किया कि उसने इस्लामाबाद में मध्यस्थता वार्ता से कभी इनकार नहीं किया. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि असली मुद्दा युद्ध का स्थायी समाधान है, न कि केवल बातचीत का स्थान.

@NewsMatrixinfo
Sagar Bhardwaj

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं. ईरान ने साफ किया है कि वह अमेरिका के साथ मध्यस्थता वार्ता के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद जाने से कभी पीछे नहीं हटा. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि उनकी स्थिति को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. उन्होंने पाकिस्तान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बातचीत का मकसद केवल मुलाकात नहीं, बल्कि स्थायी शांति स्थापित करना है.

ईरान की स्थिति को गलत ढंग से दिखा रहा अमेरिकी मीडिया

अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिकी मीडिया में ईरान की स्थिति को गलत ढंग से दिखाया जा रहा है. उन्होंने साफ किया कि ईरान ने कभी भी इस्लामाबाद में वार्ता के प्रस्ताव को अस्वीकार नहीं किया. उनके मुताबिक, मुद्दा स्थान नहीं बल्कि वार्ता के परिणाम और शर्तों का है.

रिपोर्ट्स पर उठे सवाल

हाल ही में कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि शांति वार्ता की गति धीमी पड़ गई है और ईरान की ओर से प्रतिक्रिया नहीं मिल रही. इन दावों को पाकिस्तान ने सिरे से खारिज करते हुए उन्हें आधारहीन बताया और कहा कि यह गलतफहमी का परिणाम है.

पाकिस्तान की कूटनीतिक भूमिका

पाकिस्तान लगातार अमेरिका, ईरान और इज़राइल के बीच संघर्ष खत्म कराने की कोशिश में जुटा है. इस दिशा में इस्लामाबाद ने कई स्तरों पर बातचीत शुरू की है और एक पांच सूत्रीय शांति योजना भी सामने रखी है, जिस पर चर्चा जारी है.

चीन और सऊदी की भागीदारी

इस पहल में चीन और सऊदी अरब भी अहम भूमिका निभा रहे हैं. हाल ही में पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने सऊदी समकक्ष से बातचीत की, जबकि चीन के साथ भी शांति प्रस्ताव पर चर्चा हुई. इससे संकेत मिलता है कि समाधान के लिए बहुपक्षीय प्रयास जारी हैं.