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UN में PM नेतन्याहू का खाली कुर्सियों के साथ स्वागत, वीडियो में देखें डिप्लोमैट्स ने कैसे किया बॉयकॉट

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण के दौरान कई प्रतिनिधियों ने विरोध स्वरूप हॉल छोड़ दिया. यह कदम इजराइल के गाजा युद्ध और पश्चिमी तट पर संभावित अतिक्रमण के खिलाफ वैश्विक असंतोष को दर्शाता है.

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Kuldeep Sharma

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में शुक्रवार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का भाषण उस वक्त सुर्खियों में आ गया, जब बड़ी संख्या में डिप्लोमैट्स हॉल से बाहर निकल गए. यह वॉकआउट इजराइल के गाजा युद्ध के खिलाफ वैश्विक विरोध का प्रतीक माना जा रहा है.

नेतन्याहू ने अपने भाषण में कहा कि इजराइल गाजा में 'काम खत्म करेगा' और वह इसे 'जितनी जल्दी हो सके' पूरा करेगा. इससे पहले उन्होंने सेना को आदेश दिया कि गाजा पट्टी के चारों ओर लाउडस्पीकर लगाकर उनका भाषण प्रसारित किया जाए ताकि हमास पर दबाव बनाया जा सके.

अरब और मुस्लिम देशों का सामूहिक विरोध

अरब और मुस्लिम देशों के लगभग सभी प्रतिनिधियों ने भाषण के दौरान हॉल छोड़ दिया. इनके साथ कई अफ्रीकी और यूरोपीय देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. इस घटना ने दिखा दिया कि इजराइल की नीतियों को लेकर वैश्विक असंतोष लगातार गहराता जा रहा है.


नेतन्याहू का पलटवार

नेतन्याहू ने कहा कि 'कई नेता सार्वजनिक रूप से हमें कोसते हैं लेकिन निजी तौर पर इजराइल की खुफिया सेवाओं की सराहना करते हैं, जिन्होंने कई बार उनकी राजधानियों में आतंकी हमलों को रोका है. उन्होंने आलोचकों पर 'पक्षपाती मीडिया' और 'कट्टरपंथी भीड़ों' के दबाव में झुकने का आरोप लगाया.

फिलिस्तीन को मान्यता देने की लहर

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बड़ा बदलाव देखने को मिला. ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस समेत दस देशों ने फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी. इन देशों का मानना है कि यह कदम दो-राष्ट्र समाधान की संभावना को बचाने और युद्ध समाप्त करने की दिशा में जरूरी है.