menu-icon
India Daily

नेपाल की सुनसरी हिंसा में ISI कनेक्शन के दावे से मचा हड़कंप, विदेशी मौलानाओं की भूमिका पर उठे सवाल

भारत से सटे नेपाल के सुनसरी जिले में जुलाई के अंत में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से कथित संबंधों को लेकर चर्चा तेज हो गई है. नेपाली खुफिया रिपोर्ट में विदेशी धार्मिक लोगों की गतिविधियों और सीमावर्ती क्षेत्रों में संभावित नेटवर्क की जांच की सिफारिश किए जाने का दावा है.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
नेपाल की सुनसरी हिंसा में ISI कनेक्शन के दावे से मचा हड़कंप, विदेशी मौलानाओं की भूमिका पर उठे सवाल
Courtesy: AI

नेपाल के सुनसरी जिले की देवगंज ग्रामीण नगरपालिका के कप्तानगंज इलाके में 26 जुलाई की रात धार्मिक झंडे लगाने और तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद हुआ. देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को गोली चलानी पड़ी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए.

इसके बाद तनाव दूसरे इलाकों में भी फैल गया. बिगड़ती स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कर्फ्यू लागू कर दिया और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी. 31 जुलाई तक सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, हिंसा में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई थी, जबकि करीब 25 लोग घायल बताए गए.

विदेशी मौलानाओं की गतिविधियों की जांच की सिफारिश

हिंसा के बाद नेपाल की खुफिया एजेंसी की शुरुआती रिपोर्ट को लेकर कई दावे सामने आए हैं. बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में गृह मंत्रालय को सीमावर्ती जिलों में विदेशी मौलानाओं की गतिविधियों और संभावित नेटवर्क की जांच करने की सलाह दी गई है. दावों के अनुसार, पाकिस्तान मूल के मौलाना मोहम्मद इलियास घुमान और काठमांडू की एक मस्जिद के इमाम मुफ्ती अबु बकर कासमी की सुनसरी में मौजूदगी का भी रिपोर्ट में उल्लेख है. कुछ विदेशी धार्मिक लोगों के भारत से सटे संवेदनशील नेपाली जिलों के दौरे की बात भी कही गई है. हालांकि, इन लोगों को हिंसा से सीधे जोड़ने वाले आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

सीमा क्षेत्र में विदेशी फंडिंग पर भी नजर

सुनसरी की घटना के बाद नेपाल में विदेशी फंडिंग और सीमावर्ती इलाकों में मस्जिद-मदरसों से जुड़ी गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. भारत में भी पहले नेपाली नागरिकों पर कथित आईएसआई नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप सामने आ चुके हैं.

2025 में दिल्ली पुलिस ने नेपाली नागरिक प्रभात कुमार चौरसिया को कथित आईएसआई मॉड्यूल से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था. पुलिस का आरोप था कि उसके माध्यम से भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान भेजे गए थे. इनमें से कई सिम पाकिस्तान में सक्रिय पाए गए थे.