खाड़ी देशों की नौकरी नहीं, भारतीय सेना में भर्ती चाहिए! नेपाल में पूर्व गोरखा सैनिकों का प्रदर्शन

नेपाल में पूर्व गोरखा सैनिकों ने भारतीय सेना में नेपाली युवाओं की अग्निवीर भर्ती फिर शुरू करने की मांग की है. प्रदर्शनकारियों ने इसे रोजगार और ऐतिहासिक सैन्य संबंधों से जोड़ा.

X
Sagar Bhardwaj

नेपाल के पोखरा में बुधवार, 12 अगस्त को पूर्व गोरखा सैनिकों और उनके समर्थकों ने भारतीय सेना में नेपाली युवाओं की भर्ती दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन का आयोजन इंडियन एक्स-सर्विसमेन गोरखा ब्रिगेड नेपाल पोखरा ने किया. संगठन ने जिला प्रशासन कार्यालय के माध्यम से संघीय सरकार को दो सूत्री ज्ञापन भी सौंपा.

दो प्रमुख मांगों को लेकर ज्ञापन

प्रदर्शनकारियों ने भारतीय सेना में नेपाली युवाओं की भर्ती तत्काल बहाल करने और उन पूर्व सैनिक संगठनों के नवीनीकरण की मांग की, जिनके नाम में ‘सैनिक’ या ‘सोल्जर’ शब्द शामिल है. पूर्व गोरखा सैनिकों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया रुकने से बड़ी संख्या में नेपाली युवाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित हुए हैं.

207 साल पुरानी परंपरा पर चिंता

ब्रिगेड के अध्यक्ष कर्नल कृष्ण बहादुर खत्री के मुताबिक, सुगौली संधि के बाद से नेपाली युवाओं की भारतीय सेना में भर्ती की परंपरा करीब 207 वर्षों से चली आ रही है. उनका कहना है कि अग्निपथ योजना लागू होने के बाद यह ऐतिहासिक व्यवस्था प्रभावित हुई है. कोरोना महामारी के दौर में भी भर्ती प्रक्रिया बाधित हुई थी.


अग्निपथ बना सबसे बड़ी अड़चन

भारत ने वर्ष 2022 में सशस्त्र बलों के लिए अग्निपथ योजना शुरू की थी. इसके तहत अग्निवीरों को चार साल की सेवा का अवसर मिलता है और प्रदर्शन व आवश्यकता के आधार पर अधिकतम 25 प्रतिशत तक जवानों को आगे नियमित सेवा में रखा जा सकता है. नेपाल में इस मॉडल को लेकर चिंताओं के कारण गोरखा भर्ती फिर शुरू नहीं हो सकी.

खाड़ी देशों से बेहतर सेना की नौकरी का दावा

कर्नल खत्री ने कहा कि नेपाली युवाओं के लिए भारतीय सेना में सेवा का अवसर विदेशों में कठिन और कम वेतन वाली नौकरियों का बेहतर विकल्प हो सकता है. उन्होंने खाड़ी देशों में भीषण गर्मी और न्यूनतम मजदूरी पर काम करने की तुलना भारतीय सेना की नौकरी से करते हुए भर्ती बहाली की मांग तेज की.

16 अगस्त से भारत के सेना प्रमुख का नेपाल दौरा

भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ 16 अगस्त से पांच दिवसीय नेपाल दौरे पर जाएंगे. इस दौरान नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल उन्हें नेपाली सेना के मानद ‘जनरल’ पद से सम्मानित करेंगे. दोनों देशों के सेना प्रमुखों को मानद सैन्य रैंक देने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है. प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आगे आंदोलन की चेतावनी दी है.