नेपाल और तिब्बत में आई भीषण बाढ़ ने कई परिवारों को अपनों की तलाश में छोड़ दिया है. ब्रिटेन में रहने वाली तुलसी पटेल की मां हेमांगिनी जितेंद्र पटेल और मौसी हेमा सुनील अमीन भी लापता हैं. दोनों कैलाश मानसरोवर की तीर्थयात्रा पर गई थीं. परिवार का संपर्क टूटने के बाद तुलसी ने सोशल मीडिया और GPS जानकारी खंगाली. इसी दौरान मिले एक TikTok वीडियो ने महिलाओं का बाढ़ से पहले का आखिरी ज्ञात स्थान सामने ला दिया, जिससे तलाश को नई दिशा मिली.
परिवार ने बताया कि महिलाओं से आखिरी बातचीत सोमवार को हुई थी. इसके बाद उनकी एक तस्वीर भी मिली. टूर समूह की GPS लोकेशन नेपाल-चीन सीमा स्थित फ्रेंडशिप ब्रिज बताई गई. ऑनलाइन तलाश के दौरान स्थानीय नेपाली टूर गाइड का TikTok वीडियो मिला. इसमें हेमांगिनी, हेमा और तीन अन्य यात्री सीमा पार करने के इंतजार में दिखाई दिए. वीडियो बुधवार सुबह करीब छह बजे से पहले रिकॉर्ड हुआ था, यानी बाढ़ आने से कुछ घंटे पहले.
परिवार के अनुसार दोनों महिलाओं को मंगलवार को सीमा पार करनी थी, लेकिन खराब मौसम के कारण उनकी यात्रा में देरी हुई. इसके बाद WhatsApp समेत कई माध्यमों से उनसे और टूर गाइड से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. तुलसी ने कहा कि परिवार ने उम्मीद नहीं छोड़ी है. प्रभावित इलाके तक पहुंचने की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण परिवार ने नेपाल जाने का फैसला भी फिलहाल टाल दिया.
बाढ़ के बाद कई ब्रिटिश नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है. इनमें 13 वर्षीय बच्चे समेत 33 लोग शामिल बताए गए हैं. कई लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तिब्बत गए थे. 51 वर्षीय नीतू गोयल तिवारी भी लापता हैं. उनके परिवार को आशंका है कि वह अभी चीन में हो सकती हैं. भारत में मौजूद रिश्तेदारों के लिए प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचने की अनुमति हासिल करना भी मुश्किल हो रहा है.
स्लो की 53 वर्षीय लीना बेक्टर भी लापता यात्रियों में शामिल हैं. उनके पति भूपेश बेक्टर ने बताया कि वह काठमांडू जाने की तैयारी कर रहे हैं. उनका कहना है कि पत्नी के मिलने में समय लगे या वह तुरंत मिल जाएं, वहां मौजूद रहना जरूरी है. इस बीच ब्रिटेन की एक टीम के शनिवार को काठमांडू पहुंचकर राहत और बचाव प्रयासों में सहायता करने की जानकारी सामने आई है.