नेपाल में मौतें बढ़ने से नया संकट, मुर्दाघरों में जगह की कमी और शवों की पहचान में हो रही मुश्किल
नेपाल में विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद मृतकों की संख्या 616 तक पहुंच गई है, जबकि 2500 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं. भारत और चीन की टीमों को भी खोज और बचाव में मदद की अनुमति दी गई है.
नई दिल्ली: नेपाल में विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. आपदा में मरने वालों की संख्या 600 के पार पहुंच गई है और राहत तथा बचाव दलों के सामने अब शवों को सुरक्षित रखने और उनकी पहचान करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. अधिकारियों को आशंका है कि अभी और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.
नेपाल में अस्पतालों और मुर्दाघरों की संयुक्त क्षमता करीब 350 शव रखने की बताई जा रही है. जबकि आपदा में अब तक 616 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. ऐसे में अस्पतालों और मुर्दाघरों में शव रखने की जगह कम पड़ने लगी है. इसके अलावा करीब 2500 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिससे संकट और गंभीर होने की आशंका है.
शवों की पहचान करना भी बना चुनौती
नेपाल पुलिस के अनुसार कई शवों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है. शव मिलने के बाद पुलिस पहले उनकी तस्वीरें ले रही है. यदि शव स्पष्ट स्थिति में नहीं होता है तो उसे साफ किया जाता है. इसके बाद शव को टैग लगाकर बैग में रखा जाता है और अस्थायी सुविधा केंद्र में भेजा जाता है.
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इन अस्थायी केंद्रों में तापमान करीब शून्य डिग्री के आसपास रखा जा रहा है, ताकि शवों को कुछ समय तक सुरक्षित रखा जा सके. लापता लोगों के परिजन जब जानकारी लेने पहुंचते हैं तो उन्हें बरामद शवों की तस्वीरें दिखाई जाती हैं. पहचान होने के बाद जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करके शव परिवार को सौंपा जाता है.
फिंगरप्रिंट और DNA सैंपल भी लिए जा रहे
जिन शवों की चेहरे से पहचान संभव नहीं हो पा रही है, उनके फिंगरप्रिंट और DNA सैंपल लिए जा रहे हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शवों को अनिश्चित समय तक सुरक्षित रखना संभव नहीं है. इसलिए पहचान के लिए जरूरी जैविक नमूने पहले ही सुरक्षित किए जा रहे हैं.
नेपाल में अज्ञात और लावारिस शवों के प्रबंधन के लिए 2021 की गाइडलाइन के तहत जिला स्तर पर समितियां काम कर रही हैं. इन समितियों की अगुवाई जिला पुलिस प्रमुख कर रहे हैं. लगातार बढ़ती संख्या के कारण स्थानीय समितियां अब केंद्रीय अधिकारियों के साथ भी समन्वय कर रही हैं.
2500 से ज्यादा लोग अब भी लापता
बचाव दल 2500 से ज्यादा लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं. अधिकारियों को आशंका है कि खोज अभियान आगे बढ़ने के साथ मृतकों की संख्या भी बढ़ सकती है. बाढ़ से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल ने विदेशी मदद स्वीकार करने का फैसला किया है. भारत और चीन की टीमों को खोज और बचाव अभियान में मदद की अनुमति दी गई है. नेपाल सरकार के अनुसार अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से लगातार सहायता की मांग की जा रही थी, क्योंकि कई विदेशी नागरिक भी बाढ़ के बाद लापता बताए जा रहे हैं.