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India Daily

CIA प्रमुख की रूस में सरप्राइस विजिट, NATO पर हमले की चेतावनी या सिर्फ रूटीन मुलाकात?

अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने इस हफ्ते रूस का सरप्राइज दौरा किया. लगभग चार साल में विलियम बर्न्स के बाद वे दूसरे सीआईए प्रमुख हैं जिन्होंने रूस का दौरा किया.

Shilpa Shrivastava
CIA प्रमुख की रूस में सरप्राइस विजिट, NATO पर हमले की चेतावनी या सिर्फ रूटीन मुलाकात?
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने इस हफ्ते रूस का सरप्राइज दौरा किया. लगभग चार साल में विलियम बर्न्स के बाद वे दूसरे सीआईए प्रमुख हैं जिन्होंने रूस का दौरा किया. यह यात्रा सबके लिए चौंकाने वाली रही. कई लोग मान रहे हैं कि वे क्रेमलिन को यूरोप में किसी नाटो सदस्य देश पर हमला न करने की चेतावनी देने गए थे.  

एक रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारी और सैन्य नेता भी इस यात्रा से अनजान थे. इस दौरे की इतनी गोपनीयता थी कि रैटक्लिफ लातविया से अमेरिकी सी-17 सैन्य कार्गो विमान से मास्को पहुंचे. यूरोपीय अधिकारी भी हैरान रह गए. सीआईए ने कोई टिप्पणी नहीं की, जबकि ट्रंप प्रशासन ने इसे रूटीन यात्रा बताया.  

यात्रा का समय आखिर क्यों है खास?

यह दौरा तब हुआ जब रिपोर्ट्स कह रही हैं कि रूसी सेना यूक्रेन के खिलाफ ऑपरेशन तेज करने की तैयारी कर रही है. पहले भी कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि रूस नाटो को टेस्ट करने के लिए किसी सदस्य देश पर हमला कर सकता है. अब रिपोर्ट्स आ रही हैं कि रूस हाइब्रिड ऑपरेशन या साधारण सैन्य कार्रवाई से कम के उपाय इस्तेमाल कर सकता है.

रिपोर्ट्स के अनुसार, रैटक्लिफ ने रूसियों को नाटो सदस्य पर निशाना न बनाने की चेतावनी दी और ट्रंप प्रशासन का संदेश पहुंचाया. लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन बातों को खारिज कर दिया. उन्होंने एक्सियोस से कहा, “मुझे कोई चिंता नहीं. कोई समस्या नहीं है. रैटक्लिफ हर छह महीने या साल में रूसी समकक्ष से मिलते हैं. रिश्ता अच्छा है. कोई संदेश नहीं था और कुछ असामान्य नहीं.”  

रूस और यूक्रेन का पक्ष:

रूस ने भी इन खबरों को डराने वाली कहानियां बताया. क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि ऐसी कई कहानियां चल रही हैं, जिनका हकीकत से कोई लेना-देना नहीं. इस बीच रोमानिया और पोलैंड (दोनों नाटो सदस्य) के आसमान में रूसी ड्रोन घुसे, जिन्हें मार गिराया गया. यूक्रेन का दावा है कि रूस 5 लाख सैनिक जुटाकर नया हमला करने की योजना बना रहा है. राष्ट्रपति जेलेंस्की नाटो से मदद मांग रहे हैं. ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने समर्थन जारी रखने का वादा किया है.