share--v1

चीनी चाल से नहीं निकल पा रहा नेपाल, जिनपिंग ने फेंका अब नया पासा

China Nepal News: चीन की यात्रा पर गए नेपाली उप प्रधानमंत्री ने कहा कि बातचीत के दौरान चीनी नेतृत्व ने कई मसलों पर सकारात्म रुख अपनाया है और कई समझौतों को शुरु करने की बात कही है.

auth-image
India Daily Live

China Nepal News: भारत का पड़ोसी देश नेपाल चीन के BRI जाल में इस कदर फंस चुका है कि वह चाहकर भी निकल नहीं पा रहा है.  नेपाल पर चीनी कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है. इसके पीछे पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली को प्रमुख माना जा रहा है जिन्होंने चीनी प्रभाव के विस्तार में मदद की. ओली को घोषित तौर पर चीन का करीबी माना जाता है. बीजिंग के इशारे पर ही उन्होंने पुष्प कमल दहल प्रचंड की सरकार के साथ गठबंधन किया है. नई सरकार के गठन के बाद नेपाल के डिप्टी पीएम और विदेशी मामलों के मंत्री नारायण काजी श्रेष्ठ ने चीन की यात्रा पर गए थे. 

चीन की यात्रा से वापस लौटे डिप्टी पीएम श्रेष्ठ ने मीडिया से कहा कि दोनों देश अपने पारंपरिक व्यापारिक मार्गों को खोलने के लिए फिर से सहमत हुए हैं. उन्होंने कहा कि बीजिंग मौजूदा चीन - नेपाल के बीच 14 व्यापारिक मार्गों खोलने पर राजी हो गया है. यह मार्ग कोरोना महामारी के दौरान बंद हो गए थे. उन्होंने कहा कि इसके दोबारा शुरु होने के बाद सीमाई इलाकों में रहने वाले लोगों को दैनिक जीवन में खासी मदद मिलेगी. 

डिप्टी पीएम ने कहा कि दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों और विभिन्न मसलों पर चर्चा के लिए एक मंत्रालय स्तर का संयुक्त आयोग बनाने पर भी सहमति बनी है. डिप्टी पीएम ने कहा कि बेल्ट रोड परियोजना के तहत होने वाले नेपाल के विकास कार्यक्रमों पर भी चीनी नेतृ्त्व के साथ चर्चा हुई. विदेश मंत्री ने कहा कि चीन अपने यहां आने वाले नेपाली नागरिकों को मुफ्त वीजा देने पर भी सकारात्मक रुख अपनाया है. नेपाल चीनी पर्यटकों  को साल 2016 से फ्री वीजा का लाभ दे रहा है.