युद्ध के बीच फिर नजर आए मोजतबा खामेनेई, पहली बार लोगों ने सुनी आवाज; देखें वीडियो
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर लंबे समय से उनकी मौत और स्वास्थ्य को लेकर कई तरह के दावे सामने आते रहे हैं. इसी बीच ईरानी मीडिया में एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्हें एक धार्मिक अध्ययन सत्र की अध्यक्षता करते हुए देखा और बोलते हुए सुना जा सकता है.
अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध को अब लगभग छह महीने हो चुके हैं. इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर हुई है. इस दौरान कई बार यह दावा किया गया कि शायद मोजतबा खामेनेई की जान जा चुकी है. हालांकि इसी बीच अब एक नया वीडियो सामने आया है.
सोशल मीडिया पर नजर आ रहे वीडियो में ईरानी लीडर को एक धार्मिक अकादमिक अध्ययन सत्र की अध्यक्षता करते देखा जा रहा है. हालांकि इस वीडियो में कोई तारीख नजर नहीं आ रही है लेकिन इसमें खामेनेई को बिल्कुल स्वस्थ रूप से देखा जा रहा है.
ईरानी मीडिया ने साझा किया वीडियो
ईरान के सुप्रीम लीडर के इस नए वीडियो को ईरान के फार्स न्यूज एजेंसी द्वारा साझा किया गया है. इस वीडियो की खास बात यह है कि इसमें खामेनेई को पहली बार बोलते हुए सुना जा सकता है. इस दौरान वह स्टूडेंट्स के साथ ईरानी शासन के इस्लामिक सुरक्षा मॉडल पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं. हालांकि अभी किसी भी अधिकारी की ओर से कोई भी पुष्टि नहीं की गई है और न ही कोई जानकारी शेयर किए गए हैं. लेकिन इस वीडियो को देखकर उनके प्रशंसकों में खुशी की लहर है. अमेरिका की ओर से किए गए हमले में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. जिसके बाद मोजतबा खामेनेई को इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई. हालांकि इस पद पर बैठने के बाद से मोजतबा खामेनेई मीडिया से दूर हो गए.
Also Read
मोजतबा खामेनेई को लेकर कई दावे
ईरान के लोगों और पूरे विश्व में उन्हें लेकर कई सवाल उठने लगे थे. कई रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि उनकी मौत हो चुकी है. कई बार यह भी कहा गया कि तबीयत बिगड़ने और चेहरा खराब होने की वजह से वह रूस में इलाज करवा रहे हैं. हालांकि इन सब के बीच सामने आए इस वीडियो ने लोगों के दिल में एक नई उम्मीद दे दी है. लोग उन्हें स्वस्थ और बैठक करता देखकर उनकी सलामती का शुक्रिया अदा कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा यह तनाव अभी भी शांत होता नजर नहीं आ रहा है खास तौर पर होर्मुज का मुद्दा अभी भी नहीं सुलझा है. जिसके कारण पूरे विश्व की नजर मिडिल ईस्ट की ओर है.