बड़े विरोध प्रदर्शनों से पहले दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड में, स्पेशल ब्रांच करेगा जनसमूहों का गहरा आकलन

दिल्ली पुलिस प्रदर्शन और सार्वजनिक सभाओं से पहले खुफिया तंत्र मजबूत करेगी. विशेष शाखा आयोजकों, भीड़, मांगों और तैयारियों की जानकारी जुटाकर कानून व्यवस्था की तैयारी करेगी.

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Reepu Kumari

दिल्ली पुलिस बड़े प्रदर्शनों और सार्वजनिक सभाओं से पहले अपनी खुफिया व्यवस्था को और मजबूत करने जा रही है. दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा को ऐसे आयोजनों से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी दी जाएगी. इसमें आयोजकों, प्रमुख नेताओं, प्रदर्शनकारियों की संख्या, मांगों, आने जाने की व्यवस्था और संभावित भीड़ का आकलन शामिल होगा. इसका उद्देश्य किसी प्रदर्शन को रोकना नहीं, बल्कि पहले से स्थिति समझकर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की तैयारी बेहतर करना है.

प्रदर्शन से पहले जुटाई जाएगी पूरी जानकारी

नई व्यवस्था के तहत किसी बड़े प्रदर्शन या सार्वजनिक सभा से पहले विशेष शाखा और खुफिया विभाग सक्रिय रहेंगे. अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि आयोजन में कितने लोग शामिल हो सकते हैं और कौन-कौन से समूह इसमें हिस्सा ले सकते हैं. कई बार आयोजकों की ओर से अनुमति लेते समय बताई गई संख्या और वास्तविक भीड़ में बड़ा अंतर देखने को मिलता है. ऐसे में पुलिस पहले से संभावित संख्या का आकलन कर अपनी तैनाती की योजना तैयार करेगी.

पुलिस किन बातों की जानकारी जुटाएगी?

प्रदर्शन से पहले पुलिस मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर जानकारी जुटाएगी;


  • प्रदर्शन के आयोजक और प्रमुख नेता कौन हैं.
  • प्रदर्शन में कितने लोगों के शामिल होने की संभावना है.
  • प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें क्या हैं.
  • अलग अलग संगठनों की भूमिका क्या है.
  • लोग दिल्ली तक किस माध्यम से पहुंचेंगे.
  • उनके ठहरने और वापस लौटने की क्या व्यवस्था है.

संगठनों और आर्थिक तैयारियों पर भी नजर

विशेष शाखा प्रदर्शन में शामिल संगठनों के बीच संबंधों और दिल्ली में उनके स्थानीय संपर्कों की भी जानकारी जुटाएगी. अधिकारियों का ध्यान इस बात पर रहेगा कि कौन से संगठन एक दूसरे के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. इसके अलावा प्रदर्शन की तैयारियों में इस्तेमाल होने वाले आर्थिक संसाधनों और दूसरी व्यवस्थाओं की जानकारी भी जुटाई जाएगी. इसका उद्देश्य किसी शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकना नहीं, बल्कि बड़ी भीड़ के कारण पैदा हो सकने वाली कानून व्यवस्था की स्थिति के लिए पहले से तैयारी करना है.

जंतर-मंतर के प्रदर्शनों के बाद बढ़ा जोर

दिल्ली पुलिस की खुफिया व्यवस्था को मजबूत करने का फैसला जंतर मंतर और कनॉट प्लेस में हुए हालिया प्रदर्शनों के बाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे. इन घटनाओं के बाद पुलिस ने बड़े सार्वजनिक आयोजनों से जुड़ी जानकारी पहले से जुटाने और उसका आकलन करने पर अधिक जोर दिया है. अधिकारियों का मानना है कि समय रहते मिली जानकारी से पुलिस बल की तैनाती और दूसरी व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से की जा सकती हैं.

संचार व्यवस्था भी होगी मजबूत

बड़े प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच तेजी से सूचना पहुंचाना भी अहम होता है. इसी वजह से दिल्ली पुलिस अपनी वायरलेस संचार व्यवस्था को भी मजबूत करने पर ध्यान देगी. इससे मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से वरिष्ठ अधिकारियों तक जानकारी तेजी से पहुंच सकेगी. किसी स्थिति में बदलाव होने पर तत्काल निर्णय लेने और जरूरी कार्रवाई करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है.

शांतिपूर्ण प्रदर्शन रोकना उद्देश्य नहीं

दिल्ली पुलिस की इस नई तैयारी का घोषित उद्देश्य शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को रोकना नहीं है. पुलिस बड़े आयोजनों से पहले उनके आकार, आयोजकों, प्रतिभागियों और मांगों की स्पष्ट जानकारी हासिल करना चाहती है. पहले से तैयार योजना के आधार पर पुलिसकर्मियों की तैनाती, यातायात व्यवस्था और कानून व्यवस्था से जुड़े इंतजाम किए जा सकेंगे. इससे किसी अप्रत्याशित स्थिति में पुलिस की प्रतिक्रिया अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी.