मिडिल ईस्ट में फिर भड़का तनाव, अमेरिका ने ईरान पर 24 घंटे में किया दूसरी बार हमला; ट्रंप की चेतावनी से बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के कुछ दिनों बाद फिर सैन्य तनाव बढ़ गया है. अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं, जबकि ईरान की ओर से भी ड्रोन हमलों के दावे सामने आए हैं.
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को हुए अंतरिम युद्धविराम के कुछ ही दिनों बाद दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां फिर तेज हो गई हैं. अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं. दूसरी ओर ईरान की ओर से भी ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं. इससे पूरे क्षेत्र में हालात फिर से तनावपूर्ण हो गए हैं.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के अनुसार अमेरिकी सेना ने ईरान की ड्रोन साइट्स और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई कार्रवाई की. यह हमला उस घटना के बाद किया गया, जिसमें पनामा ध्वज वाले एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमला किए जाने का दावा किया गया. बताया गया कि टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य के पास से गुजर रहा था और उसमें 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल लदा था.
डोनाल्ड ट्रंप ने हमले के बारे में क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यदि ईरान युद्धविराम का उल्लंघन जारी रखता है तो अमेरिका आगे भी सैन्य कार्रवाई कर सकता है. उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी सुरक्षा और सहयोगियों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा. हालांकि इन दावों और घटनाओं पर स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है.
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रिपोर्ट के अनुसार इससे पहले भी अमेरिका ने ईरान से जुड़े एक अन्य जहाज पर कथित हमले के बाद सैन्य कार्रवाई की थी. अमेरिका ने ईरान को युद्धविराम का पालन करने का अवसर देने की बात कही, लेकिन बाद की घटनाओं के बाद फिर से हवाई हमले किए गए.
कैसे हैं लेबनान में हालात?
इस बीच लेबनान में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के नबातिएह क्षेत्र में ड्रोन हमले किए. वहीं हिज्बुल्लाह ने अमेरिका की मध्यस्थता वाले युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है. संगठन का कहना है कि दक्षिणी लेबनान से इजरायली सेना की पूरी वापसी के बिना किसी समझौते पर सहमति नहीं होगी.
हिजबुल्ला प्रमुख नईम कासिम ने प्रस्तावित समझौते को लेबनान के हितों के खिलाफ बताया. प्रस्ताव के अनुसार इजरायली सेना की चरणबद्ध वापसी और उसकी जगह लेबनानी सेना की तैनाती की योजना बनाई गई है. कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों में अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था भी प्रस्तावित है.
उधर गाजा में भी हिंसा जारी है. स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार एक इजरायली ड्रोन हमले में दो भाई बहनों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग घायल हुए. हमला उस इलाके में हुआ, जहां विस्थापित लोगों ने अस्थायी शिविरों में शरण ले रखी थी. लगातार बढ़ते तनाव के कारण पूरे पश्चिम एशिया की स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है.