मेक्सिको में फुटबॉल मैच बना मौत का मैदान, अंधाधुंध फायरिंग में 11 की हुई मौत
मेक्सिको के गुआनाहुआतो राज्य में एक फुटबॉल मैच के दौरान अचानक हुई गोलीबारी में 11 लोगों की मौत हो गई और 12 घायल हो गए. घटना ने राज्य में बढ़ती हिंसा पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं.
नई दिल्ली: मेक्सिको एक बार फिर सामूहिक हिंसा की भयावह घटना से दहल उठा है. गुआनाहुआतो राज्य के एक स्थानीय फुटबॉल मैच में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब अज्ञात हमलावरों ने भीड़ पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं. खेल देखने आए लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए. इस हमले में कई परिवार उजड़ गए और एक बार फिर यह सवाल उठने लगा कि क्या देश में सार्वजनिक जगहें सुरक्षित हैं.
मैच के दौरान मचा कोहराम
यह घटना गुआनाहुआतो राज्य के लोमा दे फ्लोरेस इलाके में हुई, जहां स्थानीय स्तर का फुटबॉल मैच खेला जा रहा था. मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मैदान के आसपास जमा थे. तभी हथियारों से लैस हमलावर मौके पर पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के गोलीबारी शुरू कर दी. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका चीख-पुकार और गोलियों की आवाज से गूंज उठा.
मौत और घायलों की पुष्टि
स्थानीय मेयर कार्यालय ने बताया कि इस हमले में मौके पर ही 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. कुल 12 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है. सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. प्रशासन का कहना है कि मेडिकल टीमों को तुरंत अलर्ट पर रखा गया.
सुरक्षा बलों की तैनाती और जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, सेना और राष्ट्रीय गार्ड के जवान मौके पर पहुंचे. पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया गया. फॉरेंसिक टीमें सबूत जुटाने में लगी हैं और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है.
हिंसा के लिए कुख्यात गुआनाहुआतो
गुआनाहुआतो को मेक्सिको का सबसे हिंसक राज्य माना जाता है. यह इलाका औद्योगिक गतिविधियों और पर्यटन के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां ड्रग कार्टेल और आपराधिक गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई लगातार चलती रहती है. इस हमले से कुछ घंटे पहले ही इसी क्षेत्र में मानव अवशेष मिलने की घटना सामने आई थी, जिसने हालात की गंभीरता और बढ़ा दी.
हमले के पीछे गिरोहों की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले अक्सर प्रतिद्वंद्वी गिरोहों के बीच बदले या क्षेत्रीय नियंत्रण से जुड़े होते हैं. हालांकि, इस घटना के पीछे का सटीक मकसद अभी स्पष्ट नहीं है. मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम ने हाल ही में दावा किया था कि देश में हत्या दर घटी है, लेकिन यह घटना उन दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है.