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India Daily

चीन की कोयला खदान में भीषण विस्फोट, 82 मजदूरों की मौत, कई अब भी जमीन के नीचे फंसे

चीन के शांक्सी प्रांत की एक कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 82 मजदूरों की मौत हो गई है. हादसे के समय खदान में 247 लोग मौजूद थे, जिनमें से 201 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
चीन की कोयला खदान में भीषण विस्फोट, 82 मजदूरों की मौत, कई अब भी जमीन के नीचे फंसे
Courtesy: @WeatherMonitors x account

नई दिल्ली: चीन के शांक्सी प्रांत में बड़ा खनन हादसा सामने आया है. कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 82 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई मजदूर अब भी जमीन के नीचे फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बचाव अभियान लगातार जारी है.

जानकारी के अनुसार यह हादसा शुक्रवार शाम Liushenyu Coal Mine में हुआ. रिपोर्ट के मुताबिक हादसे के समय खदान के अंदर करीब 247 मजदूर काम कर रहे थे. इनमें से 201 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि बाकी मजदूरों की तलाश जारी है.

कैसी है वहां की स्थिति?

विस्फोट इतना तेज था कि खदान के कई हिस्सों में भारी नुकसान हुआ. बचाव दल लगातार मलबा हटाने और अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है.

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने क्या कहा?

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हादसे पर दुख जताते हुए सभी लापता मजदूरों को जल्द से जल्द बचाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि राहत और बचाव कार्य में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए. साथ ही हादसे की वजह की गहराई से जांच करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश भी दिए गए हैं.

क्या है विस्फोट का कारण?

विस्फोट के कारणों का पता नहीं चल पाया है. जांच एजेंसियां यह जानने में जुटी हैं कि हादसा तकनीकी खराबी, गैस रिसाव या सुरक्षा नियमों में लापरवाही की वजह से हुआ. स्थानीय प्रशासन और खनन विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं.

शांक्सी प्रांत को चीन का सबसे बड़ा कोयला खनन क्षेत्र माना जाता है. यहां बड़ी संख्या में लोग कोयला खदानों में काम करते हैं. रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल इस प्रांत में करीब 1.3 अरब टन कोयले का उत्पादन हुआ था, जो चीन के कुल उत्पादन का लगभग एक तिहाई हिस्सा है.

हाल के वर्षों में चीन में खदान हादसों को रोकने के लिए कई सुरक्षा नियम लागू किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद समय-समय पर बड़े हादसे सामने आते रहे हैं. इस हादसे ने एक बार फिर खदानों में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.