अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने हाल ही में एक ऐसी घोषणा की जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है. उन्होंने प्लेटो नाम का एक ह्यूमनाइड रोबोट पेश किया है, जिसे बच्चों के लिए एक पर्सनल टीचर के तौर पर तैयार किया गया है. एक तरफ सरकार इसको दुनिया का भविष्य बता रही हैं. वहीं दूसरी तरफ लोग इसे नौकरियों के लिए एक बड़ा खतरा मान रहे हैं. अब मेलानिया ट्रंप के इस रोबोट ने सबको चौंका कर रख दिया है और इसको लेकर पूरे विश्व में बड़ी बहस छिड़ गई है.
प्लेटो रोबोट को एआई कंपनी Figure ने बनाया है. मेलानिया ट्रंप के अनुसार, यह रोबोट सिर्फ जानकारी नहीं देता, बल्कि छात्र के मूड और सीखने की रफ्तार को भी समझ लेता है. यह विज्ञान, इतिहास और गणित जैसे विषयों को 11 अलग-अलग भाषाओं में पढ़ा सकता है.
सोशल मीडिया पर इस रोबोट को लेकर ब्लैक होल जैसा माहौल बन गया है. चारों तरफ चिंता और नकारात्मकता फैल गई. लोग पूछ रहे हैं कि अगर रोबोट ही पढ़ाएंगे, तो उन लाखों शिक्षकों का क्या होगा जो पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, "शिक्षा का मतलब सिर्फ डेटा डाउनलोड करना नहीं है, बल्कि बच्चों को सहानुभूति और संस्कार देना है, जो एक मशीन कभी नहीं कर सकती."
इस विवाद को समझने के लिए इन ठोस तथ्यों पर गौर करना जरूरी है:
बेरोजगारी का बढ़ता ग्राफ: फरवरी 2026 में अमेरिका की बेरोजगारी दर 4.4% तक पहुंच गई है. ऐसे में नई मशीनों का आना लोगों को डरा रहा है.
खतरे में लाखों नौकरियां: प्यू रिसर्च के मुताबिक, अमेरिका में करीब 38 लाख सरकारी शिक्षक हैं. अगर एआई उनकी जगह लेता है, तो एक बहुत बड़ी आबादी बेरोजगार हो सकती है.
बदलता मार्केट: टेक विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 तक कोडिंग और कस्टमर सपोर्ट जैसी कई नौकरियां पूरी तरह एआई के कब्जे में होंगी.