'अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को मारता है तो US...', डोनाल्ड ट्रंप ने दी ये सख्त चेतावनी
ईरान में आर्थिक संकट को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को नुकसान पहुंचा तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा.
नई दिल्ली: ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या करता है तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिका पूरी तरह तैयार है और हालात पर नजर बनाए हुए है.
ईरान में रविवार से आर्थिक संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. राजधानी तेहरान में दुकानदारों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ सडकों पर उतरकर प्रदर्शन शुरू किया था. ईरान की मुद्रा में तेज गिरावट, आर्थिक ठहराव और बढ़ती महंगाई के कारण लोगों में गुस्सा है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिसंबर में महंगाई दर 42.5 प्रतिशत तक पहुंच गई है.
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अब तक कितने लोगों की हुई मौत?
इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई हैं. अब तक कम से कम सात लोगों की मौत की खबर सामने आई है. हालात उस समय और गंभीर हो गए जब मंगलवार को देश की कम से कम दस यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी आंदोलन में हिस्सा लिया.
प्रदर्शनों के कारण कई बाजार बंद कर दिए गए हैं. सरकार ने ठंड का हवाला देते हुए छुट्टी घोषित की, जिससे देश का बड़ा हिस्सा ठप हो गया. पिछले 24 घंटों में प्रदर्शन कई प्रांतों तक फैल गए हैं. कुछ जगहों पर हालात हिंसक हो गए और सुरक्षा बलों के साथ आमने सामने की स्थिति बन गई.
राष्ट्रपति ने क्या कहा?
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके और वाहनों में आग लगा दी. एजेंसी ने यह भी दावा किया कि कुछ हथियारबंद असामाजिक तत्वों ने भीड़ का फायदा उठाया. बाद में कई लोगों से हथियार जब्त किए गए. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की अगुवाई वाली नागरिक सरकार ने प्रदर्शनकारियों से संवाद की इच्छा जताई है. राष्ट्रपति ने कहा कि अगर लोगों की रोजी रोटी की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो अंजाम बुरा होगा.
ईरान की अर्थव्यवस्था लंबे समय से अमेरिकी और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के दबाव में है. ये प्रतिबंध ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े हैं. जून में इजरायल के साथ 12 दिन के संघर्ष ने हालात और खराब कर दिए, जिससे सरकारी वित्त पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है.