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कौन हैं 92 साल के जज एल्विन हेलरस्टीन? जिनके हाथ में है निकोलस मादुरो का भविष्य

वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ न्यूयॉर्क में चल रहे आपराधिक मुकदमे की कमान 92 वर्षीय जज एल्विन हेलरस्टीन के हाथ में है, जिनका लंबा और स्वतंत्र न्यायिक करियर इस केस को खास बनाता है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: न्यूयॉर्क की एक फेडरल अदालत में वेनेजुएला के हटाए गए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर गंभीर आपराधिक आरोपों की सुनवाई शुरू होते ही अंतरराष्ट्रीय राजनीति और न्याय एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं. इस बेहद संवेदनशील मुकदमे की निगरानी कर रहे हैं अनुभवी जज एल्विन के हेलरस्टीन, जिनकी पहचान सत्ता से बेपरवाह और संतुलित फैसलों के लिए रही है. मैनहट्टन की अदालत में चल रहा यह मामला वॉशिंगटन के सबसे अहम अंतरराष्ट्रीय केसों में गिना जा रहा है.

इसी हफ्ते काराकस से अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद न्यूयॉर्क लाए गए निकोलस मादुरो सोमवार को मैनहट्टन की अदालत में पेश हुए. नार्को टेररिज्म और हथियारों से जुड़े आरोपों पर उन्होंने खुद को बेगुनाह बताया. मादुरो ने अदालत में कहा कि उन्हें 3 जनवरी से अगवा किया गया है. उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस ने भी सभी आरोपों से इनकार किया. अदालत ने दोनों को फिलहाल हिरासत में रखने का आदेश दिया है.

जज हेलरस्टीन का लंबा सफर

1933 में न्यूयॉर्क में जन्मे एल्विन हेलरस्टीन ने कोलंबिया लॉ स्कूल से पढ़ाई की और उसी फेडरल डिस्ट्रिक्ट में करियर शुरू किया जहां वे आज जज हैं. 1957 से 1960 तक उन्होंने अमेरिकी सेना की अभियोजन सेवा में काम किया. 1998 में राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने उन्हें साउदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क का जज नियुक्त किया. बीते 25 वर्षों में उन्होंने बेहद सोच समझकर फैसले देने की छवि बनाई है.

विवादित और हाई प्रोफाइल फैसले

हेलरस्टीन कई बड़े और राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों का हिस्सा रहे हैं. उन्होंने 9.11 हमलों से जुड़े अहम सिविल मामलों की सुनवाई की और सरकारी गोपनीयता को चुनौती दी. 2015 में उन्होंने इराक और अफगानिस्तान में कैदियों से दुर्व्यवहार से जुड़ी तस्वीरें जारी करने का आदेश दिया. डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े मामलों में भी उन्होंने स्वतंत्र रुख अपनाया और सत्ता की सीमाएं तय कीं.

बड़े फाइनेंशियल और फ्रॉड केस

हाल के वर्षों में जज हेलरस्टीन ने कई हाई प्रोफाइल व्हाइट कॉलर क्राइम मामलों में सजा सुनाई. उन्होंने जेपी मॉर्गन से जुड़े फ्रॉड केस में चार्ली जेविस को सात साल से अधिक की सजा दी. आर्केगोस कैपिटल घोटाले में बिल ह्वांग को 18 साल की सजा सुनाई. फ्रेंच बैंक बीएनपी पारिबास से जुड़े अंतरराष्ट्रीय केस में भी उनका फैसला चर्चा में रहा.

मादुरो केस में अहम भूमिका

मादुरो के खिलाफ यह केस 15 साल पुरानी ड्रग ट्रैफिकिंग जांच से जुड़ा है. अमेरिकी अभियोजकों का आरोप है कि मादुरो ने सत्ता का इस्तेमाल कर ड्रग्स अमेरिका पहुंचाने की साजिश रची. अदालत में मादुरो नारंगी शर्ट और हल्की पैंट में शांत नजर आए. उनकी अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी. इस बीच अनुभवी वकील बैरी पोलाक उनकी डिफेंस टीम का नेतृत्व कर रहे हैं, जो इस मुकदमे को और रोचक बनाता है.