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India Daily

जापान ने समंदर में रेडियोएक्टिव वॉटर छोड़ना शुरु किया, 133 करोड़ लीटर पानी 30 सालों में धीरे-धीरे होगा रिलीज

जापान ने समुद्र में फुकुशिमा परमाणु संयंत्र का रेडियोएक्टिव पानी प्रशांत महासागर में छोड़ना आरंभ कर दिया है. जापान के समय के मुताबिक, दोपहर 1:03 बजे यह प्रक्रिया शुरु की गई.

Shubhank Agnihotri
जापान ने समंदर में रेडियोएक्टिव वॉटर छोड़ना शुरु किया, 133 करोड़ लीटर पानी 30 सालों में धीरे-धीरे होगा रिलीज

 

नई दिल्लीः जापान ने  समुद्र में फुकुशिमा परमाणु संयंत्र का रेडियोएक्टिव पानी प्रशांत महासागर में छोड़ना आरंभ कर दिया है. जापान के समय के मुताबिक, दोपहर 1:03 बजे यह प्रक्रिया शुरु की गई. जापान टाइम्स के मुताबिक, पहले दिन करीब 2 लाख लीटर पानी को समंदर में छोड़ा जाएगा. इसके बाद इसे बढ़ाकर 4.60 लाख लीटर कर दिया जाएगा.


24 घंटे चालू रहेगा पंप 
परमाणु संयंत्र का देखरेख करने वाली कंपनी TEPCO ने बताया कि सबसे पहले एहतियातन सैंपल के तौर पर करीब 2 लाख लीटर पानी को छोड़ा जाएगा. पानी को छोड़ने के बाद किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं देखी गई. प्लांट से पानी को रिलीज करने वाला पंप 24 घंटे चालू रहेगा.


सुनामी के बाद इकट्ठा हो गया था पानी 
2011 में जापान में आई सुनामी के कारण फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में भयानक विस्फोट हुआ था. इसके बाद से यहां 133 करोड़ लीटर पानी इकट्ठा हो गया था. इसके बाद से ही जापान में यह करोड़ों लीटर रेडियोएक्टिव पानी जमा है.अब जापान इसे निकालने के लिए पानी को बहा रहा है.

चीन, साउथ कोरिया ने जताई नाराजगी
रेडियोएक्टिव पानी छोड़ने को लेकर चीन और साउथ कोरिया ने नाराजगी जताई है. साउथ कोरिया को डर है यह पानी सी फूड, फिश, क्रैब और अन्य समुद्री जीवों के माध्यम से मानव शरीर में प्रवेश कर सकता है. ट्राइटियम के त्वचा पर पड़ने से कोई तात्कालिक नुकसान तो नहीं होता लेकिन इसके शरीर में प्रवेश करने से कैंसर जैसी घातक बीमारियां पैदा हो सकती हैं. हॉंगकॉंग और चीन ने जापान से सीफूड आयात करने पर पाबंदी लगा दी है.

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