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चीन की भीख से कश्मीर को तबाह करना चाहता है पाकिस्तान! क्या है आतंक का CPEC प्लान? पढ़ें रिपोर्ट

पाकिस्तान का आतंक प्रेम चीन को अरसे से रास आता रहा है. संयुक्त राष्ट्र में कई बार चीन ने यह साबित किया है कि उसे भारत के शांतिदूत नहीं, पाकिस्तान के कुख्यात आंतकी ज्यादा प्यारे हैं. हाफिस सईद से लेकर मसूद अजहर तक, चीन कई मौकों पर इसे साबित कर चुका है. अब जो खबरें सामने आ रही हैं, वे बेहद डराने वाली हैं. पाकिस्तान, भारत के खिलाफ बड़ी साजिश रचने जा रहा है.

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पाकिस्तान, आतंकियों का सुरक्षित पनाहगार. कभी सोचा है कि जो देश, संसाधनों की किल्लत से जूझ रहा हो, जहां खाने-पीने के लाले पड़े हों, महंगाई लोगों की रीढ़ तोड़ रही हो, वहां हथियारों का जखीरा इतना ही आम है, जैसे घरों में सब्जियां. यह सब कैसे होता होगा? दिवालिया होने की कगार पर खड़े देश के पास आतंकियों को फंड देने का पैसा कहां से आता है? अगर नहीं पता है तो ये खबर आपके लिए है. पाकिस्तान के आकाओं का भी आका है चीन. शहबाज शरीफ जब प्रधानमंत्री बने तो उनका पहला विदेश दौरा चीन में हुआ. चीन के बीजिंग शहर में उन्होंने डेरा जमाया. CPEC रूट पर कुछ लोगों ने चीन के कामगारों पर हमला बोला था, जिसके बाद पाकिस्तान को सफाई देने जाना पड़ा. 

चीन पाकिस्तान में हो रहे बार-बार हमलों को लेकर नराज है. चीनियों पर पाकिस्तान के लोगों का गुस्सा फूट रहा है. वे चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर से खुश नहीं हैं. चीनी मजदूरों पर अक्सर हमले होते हैं. अब न्यूज18 की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तानी सेना चीफ जनरल आशिम मुनीर ने चीन के सामने दावा किया है कि देश के पास CPEC पर खर्च करने के लिए पैसे नहीं हैं. यहां ज्यादातर आतंकी भारत की ओर से भेजे गए हैं. चीन ने पाकिस्तान सेकहा कि वह उसे फंड देगा और दोनों के बीच एक सिक्योरिटी पैक्ट भी बनाया जाएगा. पाकिस्तान अब थोड़ा स्थिर है क्योंकि अमेरिका और IMF के फंड मिलने से वहां सुकून है. वहां की अर्थव्यवस्था को थोड़ी राहत मिली है.

भारत को अस्थिर करने में CPEC फंड का होगा इस्तेमाल?

पाकिस्तान की ऐसी मजबूरी है कि हर दशक में उसे एक ऐसे देश की जरूरत पड़ती है कि जो आर्थिक तौर पर मदद करे. दशकों तक उसके साथ अमेरिका खड़ा रहा. अमेरिका से मोह भंग हुआ तो उसके साथ चीन आ गया. बेशुमार फंडिंग के बीच अब दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान इन पैसों का इस्तेमाल, भारत के खिलाफ आतंकवाद में CPEC फंड का इस्तेमाल करेगा. 

शहबाज शरीफ का दावा है कि चीन में उनकी यात्रा बेहद सफल रही है. चीन का एक प्रतिनिधि मंडल, पाकिस्तान का दौरा करने वाला है. पाकिस्तान चीन की खुशामद में लग गया है.

इतने पैसों का क्या करेगा पाकिस्तान?

CPEC योजना जब शुरू हुई थी, तब इसकी अनुमानित लागत 46 बिलियन डॉलर थी. 2020 तक यह बढ़कर 62 मिलियन डॉलर हो गया. अब यह करीब 65 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. ग्वादर से रातोडेरो तक, 800 किलोमीटर का मोटरवे बनाया जा रहा है. यह सिर्फ कागजों में ही बना है, यह अभी तक केवल 2 किलोमीटर तक ही बन गया है, जिसमें पाकिस्तान ने 5 मिलियन डॉलर झोंक दिए हैं. 

चीन के कई प्रोजेक्ट पाकिस्तान में बंद पड़े हैं. हैदराबाद से लेकर सुक्कुर तक का कॉरिडोर भी बंद है. चीन चाहता है यह जल्द पूरा हो जाए, पाकिस्तान बहाना करता है कि बलूचिस्तान के इस इलाके में भारत हस्तक्षेप करता है और टार्गेट किलिंग करता है. इसी वजह से प्रोजेक्ट अटक रहा है.


क्या है आंतक का CPEC प्लान?

अब चीन में हो रही बैठकों में सुरक्षा को लेकर चर्चा किया जा रहा है. इस पैसे का इस्तेमाल, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में अशांति फैलाने, लद्दाख सीमा पर चीन की मदद करने में किया जाएगा. 

पाकिस्तान की आतंकी रणनीति चीन को हमेशा से रास आती रही है. संयुक्त राष्ट्र संघ में चीन ने कई बार भारत के खिलाफ जाकर वीटो किया है. भारत जब भी जैश ए मोहम्मद के आतंकी मसूद अजहर और हाफिज सईद पर एक्शन लेने की मांग करता है, चीन वीटो लगा देता है. भारत चाहता है कि आतंकवाद खत्म हो, पाकिस्तान चाहता है कि कैसे आतंकवाद बढ़े.