बड़े धमाकों से दहला ईरान, धमाकों के बीच मारे गए ईरान के सेना प्रमुख जनरल अमीर हतामी?
तेहरान में इजराइली हमलों की रिपोर्ट के बीच ईरानी सेना प्रमुख जनरल अमीर हतामी की मौत की खबर सामने आई है. हालांकि ईरान ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बड़े सैन्य अभियान की घोषणा की है.
तेहरान: ईरान की राजधानी तेहरान एक बार फिर जोरदार धमाकों से दहल उठी. इजराइली मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार ईरानी सेना के कमांडर इन चीफ जनरल अमीर हतामी इन हमलों में मारे गए हैं. हालांकि तेहरान के अधिकारियों ने अब तक इस मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. बताया जा रहा है कि 28 फरवरी यानी आज शुरू हुए इस सैन्य ऑपरेशन में राजधानी के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया. गवाहों के अनुसार पूरे शहर में धमाकों की आवाज गूंजती रही और कई इलाकों से धुआं उठता दिखाई दिया.
पूरे तेहरान में गूंजे धमाके
स्थानीय लोगों ने बताया कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के दफ्तर के पास के इलाकों में भी भारी विस्फोट हुए. कई जिलों में धुआं छाया रहा. राजधानी के अलावा देश के अन्य हिस्सों से भी धमाकों की खबरें आईं. इजराइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने इस ऑपरेशन को पहले से किया गया हमला बताया. उनके अनुसार यह कदम आने वाले खतरों को पहले ही खत्म करने के लिए उठाया गया. इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.
ट्रंप ने की बड़े ऑपरेशन की घोषणा
शुरुआती इजराइली मिसाइल हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका ने ईरान में बड़े लड़ाकू ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं. सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में उन्होंने अमेरिकी सेना की सक्रिय भागीदारी की पुष्टि की.
ट्रंप ने कहा कि हमारा मकसद ईरानी शासन से आने वाले खतरों को खत्म करके अमेरिकी लोगों की रक्षा करना है. उन्होंने यह भी कहा कि मिशन का लक्ष्य ईरान की मिसाइल इंडस्ट्री और नौसेना क्षमताओं को कमजोर करना है. इस बयान ने संकेत दिया कि संघर्ष अब व्यापक रूप ले सकता है.
ईरान की जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
हमलों के तुरंत बाद ईरानी अधिकारियों ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी. एक अधिकारी ने अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी को बताया कि देश का जवाब बहुत कड़ा होगा. इससे संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान पलटवार करता है तो पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ सकती है. तेल बाजार और वैश्विक सुरक्षा समीकरणों पर भी इसका असर पड़ सकता है.