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Israel Hamas War: इजरायल के इस प्लान से बर्बाद हो जाएगा गाजा, सकते में UN

Israel Hamas War: इजरायली हमलों ने गाजा में हमास के सैकड़ों महफूज ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है. लेकिन अब भी हमास के कई ठिकाने सुरक्षित हैं. इन ठिकानों को तबाह करने के लिए  इजरायल ने नया प्लान बनाया है.

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Shubhank Agnihotri
Hamas tunnels

हाइलाइट्स

  • हमास की सुरंगों में पानी भरने की योजना 
  • गाजावासियों के और बदतर हो जाएंगे हालात!

Israel Hamas War: इजरायली सेना ने हमास के खात्मे की कसम खाई है. इस कारण बीते 80 दिनों से गाजा की हवा काली हो गई है. कारण है इजरायल की लगातार भीषण बमबारी. इजरायली हमलों ने गाजा में हमास के सैकड़ों महफूज ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है. लेकिन अब भी हमास के कई ठिकाने सुरक्षित हैं. इन ठिकानों को तबाह करने के लिए  इजरायल ने नया प्लान बनाया है. इस प्लान के तहत इजरायली सेना हमास के ठिकानों को पानी से तबाह करने की योजना बना रही है. बेंजामिन के इस प्लान से गाजा के सामने बड़ा संकट पैदा हो सकता है.

सुरंगों में पानी भरने की योजना 

रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल गाजा की सुरंगों में नमकीन पानी भरने की योजना बना रहा है. इजरायली डिफेंस फोर्स का मानना है कि समुद्र के पानी से हमास के सारे ठिकाने तबाह हो जाएंगे. हालांकि इजरायल के इस कदम पर जानकारों ने चिंता जताई है. रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल द्वारा हमास के सुरंग नेटवर्क में समुद्री जल भरने से गाजा के आम लोग ज्यादा प्रभावित होंगे. 

गाजावासियों के और बदतर हो जाएंगे हालात!

जानकारों के मुताबिक, इजरायल के तय प्लान के अनुसार, सेना यदि समुद्र का पानी छोड़ता है. यह गाजा के बुरे हालातों को और भी बदतर कर देगा. गाजा पहले से ही खाने और पीने के संसाधनों के अभाव से जूझ रहा है. इजरायल का यह प्लान गाजावासियों को भूखों मरने पर मजबूर कर देगा. गाजा के 141 वर्ग मील क्षेत्र में ही कृषि है. समुद्र का पानी पूरी फसल को बर्बाद कर देगा. 

तटों पर स्थापित किये वॉटर पंप 

सैटेलाइट इमेज के जरिए जो जानकारी प्राप्त हुई है उसके मुताबिक, इजरायली रक्षा बलों ने गाजा के पूर्वी तटों पर वाटर पंप स्थापित किये हैं. इनका उपयोग वे लाखों गैलन समुद्री जल को गाजा में छोड़ने के लिए कर सकते हैं. अमेरिकी अध्ययन के मुताबिक, युद्ध की शुरुआत के समय गाजा में 310 मील तक 1300 सुरंगें फैलीं थीं. जानकारों के अनुसार, इन्हें भरने के लिए हजारों लीटर पानी का इस्तेमाल करना होगा.