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हसन नसरल्लाह को ठिकाने लगाने के बाद कैसे ईरान के लिए मुसीबत बन गया है इजरायल, यहां समझिए?

Israel Hezbollah Conflict: इजरायली वायुसेना ने हिजबुल्लाह के आतंकवादी प्रमुख हसन नसरल्लाह को मारकर ईरान को झटका दिया है. नसरल्लाह तीन दशकों से हिजबुल्लाह का नेतृत्व कर रहे थे. वह ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के करीबी सहयोगी थे.नसरल्लाह की हत्या के बाद उत्तरी और मध्य इजरायल की जनता हिजबुल्लाह और ईरान के संभावित हमलों के डर से छिपी हुई है.

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हसन नसरल्लाह को ठिकाने लगाने के बाद कैसे ईरान के लिए मुसीबत बन गया है इजरायल, यहां समझिए?
Courtesy: Social Media

Israel Hezbollah Conflict: राडवान बल के शीर्ष कमांडरों को मारने के बाद इजरायली वायुसेना द्वारा हिजबुल्लाह के आतंकवादी प्रमुख हसन नसरल्लाह की हत्या कर दी गई. इस हत्या के बाद से ईरान सरकार सदमे में है. इजरायल ने बीते कुछ दिनों के भीतर ईरान समर्थित समूह हिजबुल्लाह पर प्रायोजित हमले करके उसकी कमर तोड़ दी है. यह हमले इजरायल की लेबनान में गहरी पैठ को प्रदर्शित करते हैं. 

चौंसठ वर्षीय हसन नसरल्लाह ईरान के अयातुल्लाओं के खास थे. वह पिछले तीन दशकों से हिजबुल्लाह का नेतृत्व कर रहा था. दक्षिणी लेबनान पर कब्जे के दौरान हिजबुल्लाह ने इजरायलियों से सीधे मुकाबला किया था. इसके बाद साल 2005 का लेबनान युद्ध जो लंबे गतिरोध के बाद समाप्त हुआ. इजरायली सेना ने बीती रात हिजबुल्लाह के सुप्रीम कमांडर हसन नसरल्लाह को बंकर में पकड़ लिया. यह दिखाता है कि इजरायली वायुसेना की सटीक कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी कितनी घातक है. फिलहाल उत्तरी और मध्य इजरायल की अधिकांश आबादी नसरल्लाह की हत्या के बाद हिजबुल्लाह और ईरान के बदले के हमलों के डर की वजह से छिपी हुई है. 


 नसरुल्लाह अयातुल्ला खामेनेई के पसंदीदा शख्स 

ईरान इराक में शिया हौथी विद्रोहियों, सुन्नी हमास और शिया कैताब हिजबुल्लाह का उपयोग कर रहा है लेकिन नसरल्लाह और हिजबुल्लाह ईरान के सुप्रीम लीडर के सबसे करीब हैं.  पेजर विस्फोट के बाद वरिष्ठ कमांडरों की मौत के साथ  नसरल्लाह की हत्या तेहरान के लिए एक गंभीर झटका है क्योंकि वह ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्ला खुमैनी का सबसे पसंदीदा शख्स था.  साल 1979 की अयातुल्लाह खुमैनी के नेतृत्व में ईरानी क्रांति ने हिजबुल्लाह के कैडर को कट्टरपंथी बनाया था. इसके बाद  ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से प्रशिक्षण लेने के बाद उन्हें लड़ाके बना दिया. हिजबुल्लाह ने सीरियाई तानाशाह बशर अल-असद का समर्थन किया और एक समय ईसाई रहे लेबनान पर कब्ज़ा कर लिया.

ईरान की दांव पर है साख

7 अक्टूबर के नरसंहार के बाद हिजबुल्लाह द्वारा हमास के समर्थन में यहूदी राष्ट्र के उत्तरी भाग में रॉकेट हमले शुरू करने के बाद नसरल्लाह का इजरायल के साथ विवाद हो गया. दो महीने के अंतराल में इजरायल ने लक्षित हमलों में फुआद शुक्र और इब्राहिम अकील जैसे शीर्ष कमांडरों को मारकर हिजबुल्लाह की युद्ध क्षमताओं को गंभीर रूप से कम कर दिया है. तेहरान में हमास के इस्माइल हानिया और लेबनान में नसरल्लाह को खत्म करने के बाद इजरायल ने ईरान के खिलाफ लड़ाई शुरू कर दी है. अब गेंद अली खामेनेई के पाले में है क्योंकि उनकी साख दांव पर लगी है.