नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर संयुक्त हमले किए, जिसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. अबू धाबी में जोरदार धमाकों की रिपोर्ट्स आई हैं, जबकि कतर की मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने ईरानी मिसाइल को सफलतापूर्वक रोक लिया.
बहरीन में भी अमेरिकी नेवी की 5वीं फ्लीट मुख्यालय पर मिसाइल अटैक की खबर है. यह सब 28 फरवरी 2026 को हुआ, जब इजरायल ने ईरान पर 'प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक' की घोषणा की. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे 'मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस' बताया और कहा कि यह ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और मिसाइल खतरे को खत्म करने के लिए है. तेहरान और ईरान के कई शहरों में विस्फोट हुए, धुआं उठता दिखा.
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— lovely camila ✨🇪🇸 (@camilas4ever) February 28, 2026
इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के मिलिट्री टारगेट्स पर हमले किए. ईरान ने तुरंत जवाब दिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने अमेरिकी बेसेज पर मिसाइलें दागीं, जो गल्फ देशों में स्थित हैं. अबू धाबी में रहने वाले लोगों ने जोरदार धमाके सुने. यूएई ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया. अल धफरा एयर बेस, जहां यूएई और अमेरिकी एयर फोर्स साथ काम करते हैं, वहां अटैक की आशंका है, हालांकि अभी कन्फर्म नहीं हुआ.
कतर में दो ईरानी मिसाइलों को पैट्रियट डिफेंस सिस्टम से इंटरसेप्ट किया गया. कतर के डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा कि सभी इनकमिंग मिसाइल्स को रोक लिया गया. दोहा में भी धमाकों की आवाजें आईं, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ. अल उदैद एयर बेस, जो अमेरिकी सेंट्रल कमांड का फॉरवर्ड हेडक्वार्टर है और मिडिल ईस्ट में सबसे बड़ा यूएस बेस है, वहां टारगेट होने की बात कही जा रही है.
बहरीन में अमेरिकी नेवी की 5वीं फ्लीट हेडक्वार्टर पर मिसाइल अटैक हुआ. बहरीन ने कन्फर्म किया कि उनका सर्विस सेंटर टारगेट हुआ. यहां से अमेरिकी नौसेना ऑपरेशंस चलाती है. कुवैत और अन्य गल्फ देशों में भी सायरन बजे और एयरस्पेस बंद हुए. यह हमले न्यूक्लियर टॉक्स और क्षेत्रीय तनाव के बीच हुए. अमेरिका ने हाल में मिडिल ईस्ट में बड़ी फोर्स जमा की थी. इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने कहा कि यह 'एग्जिस्टेंशियल थ्रेट' हटाने के लिए है और ईरानी लोगों से सरकार के खिलाफ खड़े होने की अपील की.