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जमीन के नीचे बसा था हमास का साम्राज्य, इजरायल ने कंक्रीट भरकर सील कर दी सुरंग

इजरायली सेना ने राफाह में हमास के 16 किलोमीटर लंबे भूमिगत सुरंग नेटवर्क को नष्ट करने का दावा किया है. तीन महीने चले अभियान में हजारों घन मीटर कंक्रीट भरकर सुरंग को स्थायी रूप से सील किया गया.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: गाजा में हमास के भूमिगत नेटवर्क को उसकी सबसे बड़ी सैन्य ताकतों में गिना जाता है. वर्षों से तैयार किए गए इन सुरंग मार्गों का इस्तेमाल हथियारों के भंडारण, लड़ाकों की आवाजाही और कमांड संचालन के लिए किया जाता रहा है. अब इजरायली सेना ने दक्षिणी गाजा के राफाह क्षेत्र में स्थित एक बड़े सुरंग नेटवर्क को पूरी तरह निष्क्रिय करने का दावा किया है. सेना के अनुसार यह अभियान कई महीनों तक चला और इसमें अत्याधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का उपयोग किया गया.

हमास की सुरंगें केवल रास्ते नहीं बल्कि भूमिगत ढांचे के रूप में विकसित की गई थीं. इनमें कमांड सेंटर, रहने की जगह, हथियार रखने के कमरे और संचार सुविधाएं मौजूद थीं. कई सुरंगों में बिजली, पानी और वेंटिलेशन जैसी व्यवस्थाएं भी बनाई गई थीं. इनकी संरचना इतनी मजबूत थी कि वे लंबे समय तक बाहरी हमलों का सामना कर सकती थीं.

राफाह में मिला विशाल सुरंग नेटवर्क

इजरायली सेना के अनुसार राफाह क्षेत्र में मिला यह नेटवर्क 16 किलोमीटर से अधिक लंबा था. सुरंग की गहराई करीब 25 मीटर तक थी और इसके भीतर लगभग 80 कमरे बनाए गए थे. इन कमरों का इस्तेमाल सैन्य गतिविधियों, नियंत्रण केंद्रों और आवासीय सुविधाओं के रूप में किया जाता था. सेना ने इस नेटवर्क को "व्हाइट स्पैरो" नामक जटिल संरचना बताया है.


तीन महीने तक चला ऑपरेशन

इस नेटवर्क को नष्ट करने के लिए इजरायली सेना की विभिन्न विशेष इकाइयों ने संयुक्त अभियान चलाया. सुरंग के प्रवेश बिंदुओं की पहचान के बाद भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से इसे बंद करने की प्रक्रिया शुरू हुई. अभियान के दौरान 30,000 घन मीटर से अधिक कंक्रीट सुरंग के भीतर भरा गया, जिससे पूरा नेटवर्क स्थायी रूप से सील हो गया.

नागरिक इलाकों के नीचे से गुजरती थीं सुरंगें

सेना का दावा है कि यह सुरंग नेटवर्क घनी आबादी वाले क्षेत्रों के नीचे बनाया गया था. सुरंगों के मार्ग रिहायशी इलाकों, मस्जिदों, स्कूलों, क्लीनिकों, किंडरगार्टन और एक संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के नीचे से गुजरते थे. इजरायल का कहना है कि इस तरह की संरचनाएं सुरक्षा अभियानों को जटिल बना देती हैं और आम लोगों के लिए भी खतरा पैदा करती हैं.

हमास की क्षमता कमजोर करने की कोशिश

इजरायल का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हमास की भूमिगत सैन्य क्षमता को कमजोर करना है. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार गाजा में वर्षों के दौरान सैकड़ों किलोमीटर लंबा सुरंग नेटवर्क तैयार किया गया था. इन मार्गों का उपयोग हथियारों की आवाजाही, लड़ाकों के आवागमन और बंधकों को छिपाने के लिए किया जाता था. राफाह में की गई कार्रवाई को इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है.