15 जुलाई को दक्षिणी सीरिया के सुवायदा क्षेत्र में कई हवाई हमले किए, जो सीरियाई सेना और आंतरिक सुरक्षा बलों के स्थानीय गुटों के साथ संघर्ष के बीच क्षेत्र में प्रवेश के साथ मेल खाता है.
सुवायदा पर इजरायली हमले
सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी सना ने बताया, "इजरायली कब्जे वाले विमानों ने सुवायदा शहर पर कई हवाई हमले किए." इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने संयुक्त बयान में कहा कि उन्होंने सीरिया में ड्रूज समुदाय पर हमले के जवाब में सीरियाई सरकारी बलों पर हमले का आदेश दिया था. टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार इजरायली सेना को "सीरियाई शासन बलों और सुवायदा क्षेत्र में लाए गए हथियारों" को निशाना बनाने का निर्देश दिया गया.
नेतन्याहू और गैलेंट ने कहा कि ये हथियार दक्षिणी सीरिया में सैन्य तैनाती और हथियारों पर प्रतिबंध लगाने वाली निरस्त्रीकरण नीति का उल्लंघन करते हैं, जो "इजरायल के लिए खतरा पैदा करता है."
🇮🇱 IDF says it struck tanks, rocket launchers, weapons, and pickup trucks with heavy machine guns en route to As-Suwayda in southern Syria
IDF adds it continues operations while monitoring ‘regime actions against Druze civilians’ — and remains prepared for various scenarios https://t.co/pkOkidOwhQ pic.twitter.com/8UkOhMIwLt
— RT (@RT_com) July 16, 2025
ड्रूज़ समुदाय की सुरक्षा
बयान में इजरायल ने सीरिया में ड्रूज़ समुदाय की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, क्योंकि "हमारे इजरायली ड्रूज़ नागरिकों के साथ गहरे भाईचारे और सीरिया के ड्रूज़ के साथ ऐतिहासिक व पारिवारिक संबंध हैं." इजरायल ने कहा कि वह सीरियाई शासन को ड्रूज़ समुदाय को नुकसान पहुंचाने से रोकेगा और अपनी सीमाओं के पास क्षेत्र को सैन्य-मुक्त रखेगा.
सैन्य कार्रवाई की पुष्टि
इजरायली सेना के प्रवक्ता अवीचाय अडरई ने एक्स पर पोस्ट में हमलों की पुष्टि की, जिसमें कहा गया, "राजनीतिक नेतृत्व के निर्देशों के बाद, आईडीएफ ने दक्षिणी सीरिया के सुवायदा क्षेत्र में सीरियाई शासन के सैन्य वाहनों को निशाना बनाना शुरू किया." उन्होंने बताया कि इजरायली निगरानी में सुवायदा की ओर बढ़ रहे बख्तरबंद वाहनों और टैंकों का पता चला था. अडरई ने कहा, "कल से, आईडीएफ ने कई बख्तरबंद वाहनों, टैंकों, और रॉकेट लांचरों को निशाना बनाया है."
सुवायदा में तनाव12 जुलाई को एक सशस्त्र डकैती और नागरिक पर हमले के बाद सुवायदा में स्थानीय गुटों ने दमिश्क-सुवायदा मार्ग पर मोर्चा खोल दिया. इससे स्थानीय गुटों और जनजातीय लड़ाकों के बीच संघर्ष शुरू हुआ. सीरियाई रक्षा मंत्री मुर्हाफ अबू कासरा ने 15 जुलाई को पूर्ण युद्धविराम की घोषणा की और कहा कि सरकारी बल केवल "गैरकानूनी समूहों" के हमलों का जवाब देंगे.