menu-icon
India Daily

इजरायल का लेबनान पर हमला, ईरान ने दी चेतावनी; ट्रंप की कोशिश फेल!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम करवाने की कोशिश की, लेकिन यह कोशिश अब फेल होती नजर आ रही है. इजरायल ने एक बार फिर लेबनान पर हमला किया, जिसके बाद ईरान ने चेतावनी दी है.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
इजरायल का लेबनान पर हमला, ईरान ने दी चेतावनी; ट्रंप की कोशिश फेल!
Courtesy: X (@sahouraxo)

अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच लेबनान एक बार फिर क्षेत्रीय युद्ध का मुख्य केंद्र बन गया है. राष्ट्रपति ट्रंप की कोशिश के बाद इजरायल और हिजबुल्ला के बीच युद्धविराम तो हुआ लेकिन फिर भी हमले जारी हैं. दोनों ही पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं. इसी बीच ईरान ने नई चेतावनी दी है.

ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर इजरायल बेरूत पर हमला करता है तो खाड़ी के कई देश निशाना बन सकते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध छिड़ सकता है. ईरान की इस चेतावनी ने तनाव को और बढ़ा दिया है. एक ओर ईरान और लेबनान है और दूसरी तरफ इजरायल-अमेरिका खड़ा है. लेकिन तबाही पूरे मिडिल ईस्ट में हो रही है.

इजरायल के हमले के बाद ईरान की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत कर लेबनान से सेना हटाने पर जोर दिया था. इसके बाद भी इजरायल द्वारा दक्षिणी लेबनान पर हमले जारी हैं. सोहमोर क्षेत्र में गुरुवार को इजरायली हवाई हमलों में पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें संयुक्त राष्ट्र का एक सर्बियाई शांति सैनिक भी शामिल था.

इजरायली हमले के जवाब में हिजबुल्ला ने उत्तरी इजरायल पर रॉकेट हमलों की दो लहरें दागीं. हिजबुल्ला प्रमुख नईम कासिम ने कहा कि जब तक इजरायली सेना लेबनानी क्षेत्र से नहीं हटती, युद्धविराम स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने मांग की कि दक्षिणी लेबनान को भी समझौते में शामिल किया जाए.

ईरानी विदेशी मंत्री ने क्या कहा?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि लेबनान और ईरान को अलग-अलग न देखें. यदि बेरूत पर हमला हुआ तो ईरान जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है. ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने देशवासियों से एकजुट रहकर दुश्मनों की साजिशों को नाकाम करने का आह्वान किया.

उन्होंने इजरायल को जायोनी शासन करार देते हुए कहा कि वह अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है. राष्ट्रपति ट्रंप फिलहाल बड़े क्षेत्रीय युद्ध से बचना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ईरान समर्थित हमलों में कोई अमेरिकी सैनिक मारा गया तो युद्धविराम समाप्त कर सैन्य कार्रवाई शुरू की जा सकती है. अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है, लेकिन फ्रीज ईरानी संपत्तियों को जारी करने जैसे मुद्दों पर अभी कोई सहमति नहीं बनी है.