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अब तक 50,000 से ज्यादा फिलिस्तिनी गंवा चुके हैं जान, इजरायल ने की थी एयरस्ट्राइक

Gaza War Death Toll: गाजा में इजरायल और हमास के बीच युद्ध में अब तक 50,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. यहां के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि हाल ही में किए गए इजरायली हवाई हमलों में रात भर में कम से कम 26 फिलिस्तीनी मारे गए.

Shilpa Srivastava

Gaza War Death Toll: गाजा में इजरायल और हमास के बीच युद्ध में अब तक 50,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. यहां के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि हाल ही में किए गए इजरायली हवाई हमलों में रात भर में कम से कम 26 फिलिस्तीनी मारे गए. सेना ने दावा किया कि पिछले हफ्ते इजरायल द्वारा सीजफायर खत्म करने के बाद से उसने दर्जनों आतंकवादियों को मार दिया. इसके बाद हवाई हमलों में सैकड़ों लोग मारे गए. 

युद्ध और राजनीतिक मुद्दों को लेकर इजरायल की अशांति बढ़ गई. साथ ही प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रति गुस्सा भी ज्यादा देखा जा रहा है क्योंकि उनकी सरकार ने अटॉर्नी जनरल में अविश्वास व्यक्त करने के लिए मतदान किया. नेतन्याहू के ऑफिस के बाहर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने हड़कंप मचाया जिसमें से तीन को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से एक, एविटल हेल्परिन ने कहा कि वो इस देश के भविष्य के लिए काफी परेशान है. सभी को मिलकर स्थिति को ठीक करना होगा. 

अपना घर छोड़ने पर मजबूर लोग: 

इजराइल की सेना ने फिलिस्तीनियों को दक्षिणी शहर राफाह के टेल अल-सुलतान को छोड़ने का आदेश दिया, क्योंकि यह बुरी तरह तबाह हो चुका है. अब वो सभी मुवासी गए हैं जहां तंबू कैम्प्स का एक बड़ा एरिया है. युद्ध ने गाजा की 2 मिलियन से ज्यादा जनसंख्या को अपने ही एरिया में बार-बार पलायन करने पर मजबूर कर दिया है.

टैंक और ड्रोन की गोलीबारी की गूंज: 

पत्रकार मुस्तफा गेबर भी अपने परिवार के साथ निकल पड़े हैं. इन्होंने कहा है कि यह गोलीबारी के तहत हो रहा है. क्योंकि टैंक और ड्रोन की गोलीबारी की गूंज पास में ही सुनाई दे रही थी. वहीं, अमल नासर ने बताया है कि गोले हमारे बीच गिर रहे हैं और गोलियां हमारे ऊपर उड़ रही हैं. बुजुर्गों को सड़कों पर फेंक दिया गया है. 

गाजा शहर में, एक टेंट कैंप के बगल में विस्फोट हुआ, जहां से लोगों को खाली करने के लिए कहा गया था. सेना का कहना है कि वह केवल उग्रवादियों को निशाना बनाती है. इजराइल नागरिकों की मौतों के लिए हमास को दोषी ठहराता है, क्योंकि यह घनी आबादी वाले इलाकों में काम करता है.