नई दिल्ली: अमेरिका में नए साल 2026 के जश्न से कुछ घंटे पहले एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम कर दिया है. एफबीआई ने नॉर्थ कैरोलिना के मिंट हिल इलाके से 18 साल के क्रिश्चियन स्टरडिवेंट को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी आतंकी संगठन ISIS से प्रेरित था और न्यू ईयर ईव के दौरान जानलेवा हमला करने की योजना बना रहा था.
समय रहते की गई इस कार्रवाई से कई लोगों की जान बच गई.अमेरिकी न्याय विभाग ने बताया कि क्रिश्चियन सोशल मीडिया के जरिए ISIS की विचारधारा से प्रभावित हुआ था. वह खुद को संगठन का सोल्जर मानने लगा था और दिसंबर 2025 में उसने कई ऑनलाइन पोस्ट साझा किए थे. इन पोस्ट में गैर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नफरत भरी भाषा का इस्तेमाल किया गया था. जांच में सामने आया है कि आरोपी कट्टरपंथी विचारों से पूरी तरह प्रभावित था.
The #FBI thwarted a potential terrorist attack on New Year's Eve in North Carolina. The subject was directly inspired to act by ISIS. A federal criminal complaint alleges 18-year-old Christian Sturdivant planned a violent attack at a grocery store in Mint Hill. SAC Barnacle… pic.twitter.com/njn7XBQTAC
— FBI Charlotte (@FBICharlotte) January 2, 2026
एफबीआई की जांच में यह भी पता चला कि क्रिश्चियन ने जिहाद के नाम पर हमला करने की योजना बनाई थी. वह हथौड़े और चाकू जैसे हथियारों का इस्तेमाल कर लोगों पर हमला करना चाहता था. एजेंसियों के मुताबिक उसने नॉर्थ कैरोलिना के एक किराना स्टोर और एक फास्ट फूड रेस्टोरेंट को निशाना बनाने की तैयारी की थी. ये स्थान सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले थे जिससे अधिक नुकसान पहुंचाने की मंशा साफ नजर आती है.
29 दिसंबर को एफबीआई और स्थानीय पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी की. इस दौरान उसके कमरे से हथौड़े, चाकू, दस्ताने, मास्क और अन्य रणनीतिक सामान बरामद हुआ. छापेमारी में ‘नया साल हमला 2026’ नाम की एक नोटबुक भी मिली. इस नोटबुक में 20 से ज्यादा लोगों को निशाना बनाने की योजना विस्तार से लिखी हुई थी. नोट्स में यह भी दर्ज था कि हमले के बाद वह पुलिस पर हमला करेगा ताकि खुद को ISIS के लिए शहीद साबित कर सके.
हालांकि आरोपी के परिवार के एक सदस्य ने कुछ हथियार छुपा दिए थे, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को उसके इरादों से जुड़े पर्याप्त सबूत मिल गए. अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यह गिरफ्तारी एफबीआई, स्थानीय पुलिस और अन्य एजेंसियों की संयुक्त सतर्कता का नतीजा है. अगर आरोपी दोषी पाया जाता है तो उसे 20 साल तक की संघीय जेल की सजा हो सकती है.