क्या अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होंगे PM मोदी, ईरानी राष्ट्रपति ने भेजा न्योता?
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हो सकते हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान द्वारा पीएम मोदी को न्योता मिला है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के निमंत्रण पर तेहरान जा सकते हैं. सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक पेजेश्कियान ने पीएम मोदी को ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है. हालांकि इसे लेकर कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
मिली जानकारी के मुताबिक अंतिम संस्कार समारोह 5 से 9 जुलाई तक आयोजित किए जाएंगे. अंतिम समारोह 9 जुलाई को मशहद शहर में होना है, जिसमें दुनिया भर से लाखों लोगों को आमंत्रित किया गया है. इस समारोह में ईरान के उस नेता को औपचारिक विदाई दी जाएगी, जिन्होंने लगभग चार दशक तक ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में अपना अहम योगदान दिया.
अंतिम संस्कार में हुई देरी
बता दें कि 28 फरवरी 2026 को ईरान और अमेरिका द्वारा किए गए संयुक्त हमले में अली खामेनेई की मौत हो गई थी. जिसके बाद इन देशों के बीच तनाव बढ़ गया, जिसकी वजह से अंतिम संस्कार में देरी हुई. पहले यह समारोह 4 मार्च से 6 मार्च 2026 के बीच होना था, लेकिन मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के कारण इस समारोह को आयोजित नहीं किया जा सका. अब जब ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते को लेकर एमओयू साइन कर लिया गया है.
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अब समझौते के लिए दोनों देशों के बीच 60 दिनों के लिए बातचीत शुरू हो गई है. जिसके बाद इस समारोह को आयोजित किया जा रहा है. जिसमें शामिल होने के लिए दुनिया के तमाम बड़े नेताओं को आमंत्रित किया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक इस अंतिम संस्कार में दुनिया भर से लगभग 20 मिलियन यानी लगभग 2 करोड़ लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. इससे पहले इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के संस्थापक अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी के अंतिम संस्कार पर 1989 में 10 मिलियन लोग एकत्रित हुए थे.
मोजतबा खामेनेई पर दुनिया की नजर
ईरानी नेताओं द्वारा अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद सुप्रीम लीडर पद के लिए उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को चुना गया. हालांकि जब से उन्हें इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है, तब से वह एक बार भी जनता के सामने नहीं आए हैं. हालांकि उन्होंने समय-समय पर टीवी और रेडियो के माध्यम से अपना संदेश दुनिया को दिया है. लोगों के सामने नहीं आने की वजह से कई बार उनके स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठाया गया है.
कई अमेरिकी अधिकारियों ने यह तक दावा किया कि मोजतबा अमेरिकी हमले के बाद कोमा में हैं. हालांकि इस बात को लेकर ईरान की ओर से कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. इतना ही नहीं अमेरिका के साथ चल रही बातचीत के दौरान भी मोजतबा कहीं नजर नहीं आए हैं, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि सुप्रीम लीडर अपने पिता को अंतिम विदाई देने के लिए दुनिया के सामने आ सकते हैं.