PoK में बढ़ा जनाक्रोश, हक की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों लोग; पाकिस्तान ने की नाकेबंदी!
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अधिकारों और सुविधाओं की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी आवाज दबाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, जबकि पाकिस्तान प्रशासन इन दावों से इनकार कर रहा है.
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में विरोध-प्रदर्शन लगातार बढ़ता जा रहा है. प्रदर्शनकारियों की आवाज को बंद कराने के लिए इस्लामाबाद द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. उस इलाके में खाना, पानी, दवाइयां और यहां तक कि इंटरनेट सप्लाई को भी रोक दिया गया है.
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के तत्वाधान में किए जा रहे इस प्रदर्शन में लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है. पीओके की जनता लगातार सरकार से अपने हक की मांग कर रही है. हालांकि सरकार की ओर से इन प्रदर्शनकारियों की आवाज सुनने के बजाय उन्हें नकली कश्मीरी बताकर उनकी आवाज को शांत कराने की कोशिश की जा रही है.
पीओके में क्यों हो रहा प्रदर्शन?
रिपोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक इस कब्जे वाले कश्मीर में संकट गहराता जा रहा है. वहीं दूसरी ओर पाकिस्तानी अधिकारी किसी भी तरह की नाकेबंदी की बात को मानने से पूरी तरह से इनकार कर रहे हैं. बता दें कि पीओके में यह प्रदर्शन कई दिनों से चल रहा है, लेकिन अब यह इसलिए भी ज्यादा बढ़ गया क्योंकि इस्लामाबाद द्वारा यहां तक पहुंचने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है. लोग अपनी आम जरूरतों को भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं.
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रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रदर्शन को शांत कराने के लिए सैन्य शक्ति का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. वहां की जनता अपने विधानसभा की उन 12 सीटों पर सवाल उठा रही है, जिन्हें भारतीय कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित रखा गया है. लोगों का कहना है कि इस्लामाबाद द्वारा इन सीटों का इस्तेमाल चुनाव को प्रभावित करने के लिए किया जाता है.
JAAC के खिलाफ पाकिस्तान का एक्शन
पीओके में इस प्रदर्शन को जेएएसी द्वारा लीड किया जा रहा है. इन विरोधी आवाजों को शांत करने के लिए पाकिस्तान ने JAAC को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया और उसके समर्थकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी. रिपोर्ट की मानें तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में कई दर्जन लोगों की मौत हो गई है. हालांकि आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
इलाके में इंटरनेट न होने के कारण पूरी जानकारी भी निकलकर सामने नहीं आ पा रही है, लेकिन कुछ स्थानीय लोगों और सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस प्रदर्शन में अब तक कई हजार लोग शामिल हो चुके हैं. हालांकि इस्लामाबाद द्वारा जरूरी सामानों की सप्लाई को रोककर दबाव बनाने की कोशिश जारी है, लेकिन प्रदर्शनकारियों द्वारा भी लगातार अपनी मांगें आगे रखे जा रहे हैं.