'ढूंढकर मारेंगे', खामेनेई की मौत का बदला लेने की IRGC ने खाई कसम; कहा- नेतन्याहू को हिसाब चुकाना होगा
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने की कसम खाई है. संगठन ने कहा कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को इसका हिसाब चुकाना होगा.
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का बयान सामने आया है, जिसने तनाव को और बढ़ा दिया है. संगठन ने कहा है कि वह अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला जरूर लेगा. ईरानी सरकारी मीडिया में प्रसारित संदेश में कमांडरों ने साफ कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. इस बयान के बाद क्षेत्रीय संघर्ष के और तेज होने की आशंका जताई जा रही है.
IRGC का कड़ा संदेश
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अपने आधिकारिक मंच पर जारी बयान में बेहद सख्त रुख अपनाया है. संगठन ने कहा कि वह अपने नेता की मौत को भूलेगा नहीं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर जवाब देना होगा. ईरानी सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित संदेश में कमांडरों ने कहा कि यह घटना केवल एक राजनीतिक हत्या नहीं, बल्कि पूरे देश के सम्मान पर हमला है. उनका कहना है कि इसके लिए दोषियों को ढूंढकर न्याय किया जाएगा.
खामेनेई की हत्या पर भड़का गुस्सा
ईरान में 28 फरवरी को हुई अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या ने देशभर में गुस्से की लहर पैदा कर दी है. IRGC के अधिकारियों ने इसे गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि इसका बदला जरूर लिया जाएगा. संगठन के मुताबिक इस घटना ने ईरान की जनता और सैन्य बलों को झकझोर दिया है. इसी कारण देश के भीतर प्रतिशोध की भावना तेजी से उभर रही है और सैन्य नेतृत्व लगातार अपने समर्थकों को तैयार रहने का संदेश दे रहा है.
इजरायल का सख्त रुख
दूसरी ओर इजरायल की ओर से भी सख्त बयान सामने आए हैं. इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने कहा कि तेहरान के साथ संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है. उन्होंने ईरान के खर्ग द्वीप पर तेल निर्यात केंद्र को निशाना बनाने वाली सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया. उनका कहना था कि यह अभियान क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से जरूरी कदम था. साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां पूरी तरह समाप्त नहीं हो जातीं.
नए नेतृत्व का पहला बयान
ईरान में नए सर्वोच्च नेता के रूप में अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद अपना पहला बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि देश अपने विरोधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा. उनके अनुसार ईरान अपने हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि युद्ध के दौरान नए मोर्चे खुल सकते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इस बयान के बाद क्षेत्रीय संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है.
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